
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की जर्जर इमारतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। (Photo-IANS)
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने के बाद एमसीडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। सात लोगों की मौत के बाद अब दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एमसीडी ने 24 संपत्तियां गिरा दी हैं और 7 अवैध ढांचे सील किए हैं। मंगलवार को ही 17 संपत्तियां गिराई गईं और 5 को सील किया गया।
सत्य निकेतन में हादसे वाली इमारत के आसपास की दूसरी जर्जर इमारतों को लेकर भी एमसीडी ने कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद हादसे वाली इमारत के पास मौजूद असुरक्षित इमारत को गिराने का काम शुरू किया गया। एमसीडी ने जांच के बाद ऐसी इमारतों को चिन्हित किया है, जिनसे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। छात्रों और स्थानीय लोगों से कार्रवाई के दौरान अधिकारियों का सहयोग करने को कहा गया है।
एमसीडी की कार्रवाई सिर्फ सत्य निकेतन तक सीमित नहीं है। दिल्ली के सभी 12 जोन में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया गया है। लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करोल बाग, करमपुरा, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे इलाकों में कार्रवाई हुई है। इनमें कई ऐसे इलाके हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। मंगलवार को एमसीडी ने अवैध निर्माण को लेकर 9 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए। इसके अलावा सीलिंग के लिए 2 नोटिस और 15 इमारतों को गिराने के आदेश जारी किए गए।
एमसीडी के आंकड़ों के मुताबिक, 1 से 8 सितंबर के बीच 48 संपत्तियां गिराई गई हैं। इस दौरान 15 इमारतों को सील किया गया। अवैध निर्माण को लेकर 90 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के 124 नोटिस और 66 ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए हैं। वहीं, 1 जून से 8 सितंबर के बीच एमसीडी ने 1,007 संपत्तियां गिराईं और 471 को सील किया। इस दौरान अवैध निर्माण को लेकर 1,551 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। हादसे के बाद एमसीडी की निगरानी और अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद निगम ने पूरे दिल्ली में अभियान तेज किया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के पीजी इलाकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद पीजी इलाकों में इमारतों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पीजी हब की सभी इमारतों का एक सप्ताह के भीतर ढांचागत सुरक्षा ऑडिट कराने को कहा गया है। जांच में इमारत की मंजूरी, मंजिलों की संख्या, नियमों का पालन और सुरक्षा व्यवस्था जैसी चीजें देखी जाएंगी।
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। इमारत का इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां मरम्मत का काम चल रहा था। मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हुए। बचाव अभियान 27 घंटे से ज्यादा समय तक चला। हादसे के बाद इमारतों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे हैं। अब एमसीडी की कार्रवाई और पीजी की जांच के बाद यह देखना अहम होगा कि कितनी इमारतें सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हैं और कितनों के खिलाफ कार्रवाई होती है।
Updated on:
8 Sep 2026, 8:50 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 8:49 PM IST
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