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लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में ED की कार्रवाई, श्रीनगर के कई इलाकों में छापेमारी

जम्मू-कश्मीर में कथित आतंकी फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने श्रीनगर के चार ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों से जुड़े मामले में की जा रही है।
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Updated: 3 Nov 2026, 10:36 AM IST
Terror Funding Case
श्रीनगर में 4 ठिकानों पर ED की रेड (फ़ोटो- IANS)

Terror Funding Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के श्रीनगर जोनल ऑफिस ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में कथित आतंकी फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' (LeT) के ओवर ग्राउंड वर्कर से जुड़े कम से कम चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। सुरक्षा बलों की कड़ी सुरक्षा के बीच केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी संदिग्ध वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।

कौन है उमर आदिल डार और उस पर क्या आरोप हैं?

जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कथित ओवर ग्राउंड वर्कर उमर आदिल डार और उसके साथियों से जुड़ा है। आरोप है कि डार इस संगठन के लिए OGW के तौर पर काम करता था और इसकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था। उस पर लश्कर के आतंकी नेटवर्क को जमीनी मदद मुहैया कराने, लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराने और नेटवर्क के लिए फंड जुटाने जैसे आरोप हैं।

अधिकारियों का कहना है कि उमर आदिल डार और उसके साथियों को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उस समय उनके पास से भारी मात्रा में नकदी और प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। डार जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामलों में लगभग चार साल जेल भी काट चुका है।

सीमा पार के हैंडलर्स और हवाला नेटवर्क पर फोकस

ED के इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य आतंकी फंडिंग के असली स्रोतों यानी अपराध से प्राप्त धन का पता लगाना है। जांच एजेंसी को शक है कि सीमा पार (पाकिस्तान में) बैठे लश्कर के कमांडर और हैंडलर्स, घाटी में अशांति फैलाने के लिए हवाला और अन्य अवैध तरीकों से भारी मात्रा में पैसा भेज रहे थे।

एजेंसी फिलहाल इस वित्तीय ट्रेल को ट्रैक कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि डार और उसके नेटवर्क ने इन पैसों का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर कैसे किया और किन तरीकों से आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग की। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं या संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।

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3 Nov 2026, 10:36 AM IST
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