
Indian Navy Somali Pirates : समुद्री लुटेरों की चाल नाकाम! भारतीय नौसेना ने हाईटेक निगरानी से बचाई 20 लोगों की जान (फोटो सोर्स:@rajnathsingh)
Indian Navy Somali Pirates: समंदर में जब हथियारबंद लुटेरों ने एक मछली पकड़ने वाले जहाज को अपने कब्जे में लेकर बड़े खतरे की नींव रखी, तब भारतीय नौसेना ने ऐसी रणनीति अपनाई जिसने समुद्री सुरक्षा की तस्वीर बदल दी। 48 घंटे से ज्यादा चले इस अभियान में केवल 20 लोगों की जिंदगी बचाना ही लक्ष्य नहीं था, बल्कि उस संभावित खतरे को भी खत्म करना था, जो आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए मुसीबत बन सकता था। भारतीय सेना की संयुक्त ताकत ने समुद्री लुटेरों की योजना पर पानी फेर दिया।
अरब सागर और सोमालिया के आसपास सक्रिय समुद्री लुटेरों के खिलाफ भारतीय नौसेना ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। हथियारबंद समुद्री डाकुओं के कब्जे में पहुंचे मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' (Azini) से सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस अभियान में भारतीय नौसेना, वायुसेना और विशेष कमांडो की संयुक्त ताकत देखने को मिली।
सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्री लुटेरों ने अजिनी जहाज पर कब्जा कर लिया था। जहाज की पहचान और उसकी हरकतों का पता लगाने के लिए भारतीय नौसेना ने अपनी निगरानी विमान और युद्धपोत मैदान में उतार दिए।
दोनों ने सीधे समुद्र पर नजर जमाए रखी। जैसे ही जहाज की पोजिशन कंफर्म हुई, नौसेना ने उसकी गतिविधियां काबू में करने की प्लानिंग शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने ऐसे गैर-घातक तरीके अपनाए, जिससे जहाज की मूवमेंट सीमित हो जाए।
नौसेना ने इन उपायों को 'कैलिब्रेटेड नॉन-काइनेटिक मेजर्स' यानी नियंत्रित गैर-घातक कार्रवाई बताया है। हालांकि, इन तकनीकों में किन उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, इसका खुलासा नहीं किया गया।
मिशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मरीन कमांडो भी उतारे गए। कमांडो को वायुसेना के C-17 विमान से सटीक एयरड्रॉप करके सीधे मौके पर उतारा गया।
यहां निगरानी, एयरसपोर्ट और स्पेशल फोर्स तीनों का कम्बिनेशन काम आया। जैसे ही जहाज की कंट्रोल नौसेना ने अपने हाथ में ली, रणनीतिक तरीके से हस्तक्षेप किया और समुद्री लुटेरों का खतरा खत्म कर दिया।
ये पूरा ऑपरेशन 48 घंटे से भी ज्यादा चला। आखिरकार सभी 20 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। किसी भी क्रू मेंबर या सैनिक को चोट तक नहीं लगी।
यह सिर्फ 20 जानों का मसला नहीं था सैकड़ों व्यापारी जहाजों की सुरक्षा भी दांव पर लगी थी। समुद्री लुटेरे अजिनी को अपना ‘मदर शिप’ बनाकर इस्तेमाल कर सकते थे। 'मदर शिप' यानी ऐसा बड़ा जहाज, जिसका इस्तेमाल डाकू दूर समुद्र में रहकर छोटे जहाजों से व्यापारी नावों पर हमला करने के लिए करते हैं।
अगर अजिनी लुटेरों के कब्जे में रहता, तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को बड़ा खतरा हो जाता। नौसेना की वक्त पर की गई कार्रवाई ने ये खतरा खत्म कर दिया।
अब सवाल उठता है फिर से सोमालिया के आसपास समुद्री डकैती क्यों चिंता की वजह बन गई है? बीते कुछ महीनों में कई कारोबारी जहाजों पर हमले हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां खुलकर चेतावनी भी दे रही हैं कि सब सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी शेयर करें।
ऐसे माहौल में भारतीय नौसेना का ये ऑपरेशन सिर्फ एक बचाव कार्य नहीं, बल्कि पूरे इलाके की समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों के लिए भी बड़ी बात है।
अजिनी अभियान ने दिखाया कि समुद्र में किसी बड़े खतरे से निपटने के लिए केवल युद्धपोत की ताकत पर्याप्त नहीं होती। निगरानी विमान, विशेष कमांडो और वायुसेना के सहयोग से कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
भारतीय नौसेना ने इस सफल बचाव को अपनी परिचालन तैयारी और जटिल समुद्री सुरक्षा मिशनों को अंजाम देने की क्षमता का प्रमाण बताया है।
Updated on:
3 Nov 2026, 11:59 AM IST
Published on:
3 Nov 2026, 11:37 AM IST
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