
Jairam Ramesh (फोटो सोर्स- ANI)
Indian Air Force Sports Complex row: दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास रेस कोर्स स्थित एयर फोर्स स्टेशन के भीतर मौजूद एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को वापस लेने की केंद्र सरकार की कवायद पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने 40 एकड़ में फैले इस कॉम्प्लेक्स को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है और इस कदम को शर्मनाक करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार का यह रुख भारतीय वायु सेना का अनादर है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार के इस कदम पर कड़ा प्रहार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स' पर उन्होंने लिखा कि एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का एक लंबा इतिहास रहा है। दशकों से यह न केवल विभिन्न सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए काम आता रहा है, बल्कि भारतीय वायु सेना के सामाजिक ढांचे का एक अभिन्न हिस्सा भी रहा है। जयराम रमेश ने मोदी सरकार की इस कार्रवाई को बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि यह पूरे वायु सेना परिवार के प्रति घोर अनादर है।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 31 अक्टूबर को अपनी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एक गोपनीय पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने आग्रह किया था कि रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन के भीतर स्थित इस महत्वपूर्ण जमीन पर वायु सेना का ही नियंत्रण बना रहना चाहिए।
पूर्व एयर फोर्स चीफ ने कहा था कि एयर फोर्स स्टेशन के बड़े ऑपरेशनल रोल और साइट पर मौजूद सुविधाओं को देखते हुए कॉम्प्लेक्स को एयर फोर्स के अधिकार क्षेत्र में रखना एक प्रैक्टिकल और समझदारी भरा फैसला होगा। यह पत्र मुख्य रूप से स्टेशन परिसर में स्थित भूमि के हस्तांतरण और नियमितीकरण से संबंधित था, जो आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के अधिकार क्षेत्र में आता है।
यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स लगभग 40 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन के अंदर स्थित इस कॉम्प्लेक्स में 9-होल गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, खेल के मैदान और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। रिपोर्टों के अनुसार, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के अंतर्गत आने वाले लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने इस जमीन को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस विवाद के बीच पिछले महीने इस परिसर को इसके सदस्यों के लिए बंद कर दिया गया था।
विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई 2017 में जारी किए गए एक नोटिस और लुटियंस दिल्ली में स्थित कीमती जमीनों की समीक्षा का हिस्सा है। सरकार ऐसी प्रमुख जगहों को वापस लेने की नीति पर काम कर रही है, ताकि उनका इस्तेमाल व्यापक जनहित और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जा सके। इसी पहल के तहत, केंद्र सरकार ने पहले ही 53 एकड़ के दिल्ली रेस क्लब परिसर और जयपुर पोलो ग्राउंड को अपने नियंत्रण में ले लिया था।
Updated on:
3 Nov 2026, 11:20 AM IST
Published on:
3 Nov 2026, 11:19 AM IST
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