
Congress Protest: दिल्ली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे, मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर लोकतंत्र की मर्यादाएं तोड़ने और अपनी ही बातों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार NEET और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों के मुद्दों पर संसदीय चर्चा के लिए सहमत हो गई थी, लेकिन बाद में राहुल गांधी ने अपनी मांग बदल दी।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब सरकार को पता चला कि कांग्रेस नेताओं ने अचानक हाई सिक्योरिटी VIP जोन में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है, तो सरकार ने संवेदनशीलता से काम लिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने X पर लिखा कि उन्हें पता चला कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपने समर्थकों के साथ अचानक अकबर रोड के पास धरने पर बैठ गए हैं। इन सीनियर नेताओं के कद को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के साथ मुझे इन नेताओं से बातचीत करने के लिए मौके पर भेजा।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत की जानकारी देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी से उस जगह से हटने का अनुरोध किया गया, क्योंकि विरोध-प्रदर्शन से आम जनता को काफी परेशानी हो रही थी। मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी ने शुरू में कहा कि अगर सरकार NEET और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए सहमत हो जाती है, तो वे विरोध प्रदर्शन खत्म कर देंगे।
जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि शीर्ष नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद सरकार ने राहुल गांधी को आश्वासन दिया कि वह संसद में NEET मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, जैसे ही सरकार ने चर्चा की मांग स्वीकार की राहुल गांधी ने अपनी शर्तें बदल दीं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की एक नई मांग जोड़ दी।
केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया, "मेरी मांगें अब बदल गई हैं, मेरी दो मांगें हैं, चर्चा और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।" जब यह बताया गया कि इतने सीनियर नेता का अपनी बात से पीछे हटना शोभा नहीं देता, तो उनका जवाब था कि यह उनकी पसंद है। वहीं, जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि एक जिम्मेदार नेता का इस तरह से अपनी ही बात से पीछे हटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है।