JNU में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प से कई छात्र घायल हुए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले के गंभीर आरोप लगाए।
JNU Violence: दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर छात्र संगठनों के टकराव को लेकर सुर्खियों में है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र समूहों के बीच हुई झड़प ने कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आज की सुबह JNU परिसर में वामपंथी छात्र संगठनों और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच कथित रूप से मारपीट और पथराव की घटना सामने आई। इस झड़प में कई छात्रों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
ABVP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज पर स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज परिसर में हमला किया गया। संगठन के अनुसार, पहले उनकी आंखों में अग्निशामक यंत्र का पाउडर डाला गया और फिर बेरहमी से मारपीट की गई। ABVP ने दावा किया कि हमले के दौरान सिलेंडर खोले जाने की भी कोशिश की गई। संगठन के मुताबिक, घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। छात्र संघ का आरोप है कि ABVP ने ‘इक्वालिटी मार्च’ पर हिंसक हमला किया। मार्च का उद्देश्य कथित तौर पर दलित समुदाय के खिलाफ की गई टिप्पणियों और UGC इक्विटी रेगुलेशंस को लेकर विरोध दर्ज कराना था। JNUSU ने कहा कि यह हमला सुनियोजित था और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
ABVP ने एक वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि वामपंथी छात्र पत्थर और लाठी लेकर घूम रहे थे। संगठन का कहना है कि जब उनके कार्यकर्ताओं ने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो विरोधी छात्र वहां से हटने लगे। ABVP ने यह भी आरोप लगाया कि रीडिंग रूम बंद कराने की कोशिश का छात्रों ने विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ा और पथराव हुआ।
घटना के बाद JNU कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।