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साढ़े 3 घंटे तक CID ने बैठाए रखा, छूटते ही सीधे ममता बनर्जी के पास पहुंच गए कुणाल घोष, क्या कहा?

Kunal Ghosh CID: कुणाल घोष 3.5 घंटे CID पूछताछ के बाद ममता बनर्जी के घर पहुंचे। फर्जी हस्ताक्षर मामले में TMC में हलचल, जानिए पूरी खबर

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TMC leader Kunal Ghosh

टीएमसी विधायक कुणाल घोष। (फोटो- ANI)

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में फर्जी हस्ताक्षर वाले मामले ने एक बार फिर पार्टी को घेर लिया है। बेलेघाटा से टीएमसी विधायक कुणाल घोष रविवार को सीआईडी दफ्तर में करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ के बाद बाहर निकले।

सीआईडी दफ्तर से निकलने के बाद कुणाल सीधे पार्टी चीफ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंच गए, जहां उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी के अन्य बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे।

पूछताछ के बाद क्या बोले कुणाल घोष?

सीआईडी दफ्तर से बाहर निकलते समय मीडिया ने जब उनसे पूछा तो कुणाल घोष ने जवाब दिया- मैं उनका सहयोग कर रहा हूं, बस यही।

उन्होंने किसी भी सवाल का विस्तार से जवाब नहीं दिया। बाद में ममता बनर्जी के घर से निकलते समय कुणाल घोष, टीएमसी नेता शोवंदेब चट्टोपाध्याय और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी साथ दिखे।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद मई 2026 का है, जब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया गया था। उसमें दावा किया गया कि पूरे टीएमसी विधायकों की सहमति से शोवंदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाया जाए। लेकिन पार्टी से निकाले गए दो विधायकों रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि उनके और कई अन्य विधायकों के हस्ताक्षर बिना बताए जालसाजी से लगाए गए। सीआईडी ने इसकी जांच शुरू की और अब तक कई दौर की पूछताछ हो चुकी है।

पिछले दिनों अभिषेक बनर्जी को भी सीआईडी ने घंटों पूछताछ के लिए बुलाया था। ममता बनर्जी खुद भी इस मामले में पांच घंटे से ज्यादा पूछताछ का सामना कर चुकी हैं। जांच एजेंसी ने हैंडराइटिंग सैंपल लिए, TMC दफ्तरों की तलाशी ली और कई दस्तावेज जब्त किए।

क्या कह रही टीएमसी?

TMC की तरफ से बार-बार कहा जा रहा है कि पार्टी पूर्ण सहयोग कर रही है। कुणाल घोष ने भी पहले कहा था कि वे गवाह के तौर पर बुलाए गए हैं और पूरी तरह सहयोग करेंगे। लेकिन विपक्षी पार्टियां इसे TMC के अंदरूनी कलह और कमजोर होती पकड़ का संकेत बता रही हैं।

कुछ नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं और भाजपा की तरफ रुख कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह मामला काफी संवेदनशील है। टीएमसी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि विपक्ष कह रहा है कि सच्चाई सामने आ रही है।

सीआईडी की जांच अभी जारी है और आगे भी कई नेताओं से पूछताछ हो सकती है। ममता बनर्जी के घर पर हुई बैठक में पार्टी रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस मामले को कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ने की तैयारी में है।

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