
CJI Surya Kant: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। इसको लेकर उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को 2, 10 और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे। जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान में किसी दूसरे राज्य से तत्काल मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया है। इस मामले पर CJI सूर्यकांत की ओर से बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि CJI सूर्यकांत ने जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों में उठाई गई चिंताओं का संज्ञान लिया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बुधवार को कहा कि शेष हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम पहले से ही काम कर रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी जज के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर तय प्रक्रिया के तहत ही विचार किया जाएगा।
CJI ने कहा कि पत्रों की सामग्री पर सार्वजनिक मंच पर न्यायिक निर्णय नहीं किया जा सकता। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जस्टिस शर्मा को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना जरूरी है। CJI ने कहा, 'सिर्फ आरोप लगाए जाने के तथ्य को जज के खिलाफ निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।' उन्होंने हाईकोर्ट के सदस्यों के खिलाफ शिकायतों से निपटने में उचित प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले की उचित स्तर पर जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया में जस्टिस मेहता द्वारा प्रस्तुत सामग्री के साथ-साथ जस्टिस शर्मा के जवाब पर भी विचार किया जाएगा।
जस्टिस संदीप मेहता ने अपने पत्र में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर कुप्रबंधन, गलत तौर-तरीके, भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि जस्टिस शर्मा साथी जजों को तबादले की धमकी देते हैं और खुद को CJI का करीबी बताते हैं।
उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि उन्हें जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के न्यायिक कामकाज के बारे में कई शिकायतें मिली हैं, जो पहली नजर में उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि राजस्थान के अपने दौरे के दौरान हाईकोर्ट के कई जजों ने उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान जजों ने जस्टिस शर्मा के व्यवहार को लेकर दुख जताया था।