Justice Yashwant Varma Cash Recovery Case: यशवंत वर्मा ने कथित कैश विवाद और महाभियोग प्रक्रिया के बीच राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंप दिया, जानिए ऐसे और कौनसे जज है जिन्हें देना पड़ा इस्तीफा।
Justice Yashwant Varma Resigns: इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने आखिरकार राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके सरकारी आवास से कथित रूप से भारी मात्रा में नकदी मिलने के विवाद और महाभियोग प्रक्रिया के बीच यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
इससे पहले उनका तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट किया गया था, जहां उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को शपथ ली थी। उनके खिलाफ पहले से ही इन-हाउस जांच जारी थी, जिसने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया।
पूरा मामला उस समय सामने आया जब दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने की घटना हुई। इस दौरान नौकरों के क्वार्टर के पास बने स्टोर रूम से जले हुए नोट मिलने का दावा किया गया।
हालांकि, जस्टिस यशवंत वर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना था कि घटना के समय वे और उनकी पत्नी दिल्ली में मौजूद नहीं थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि घटनास्थल की सुरक्षा में कोई चूक हुई है, तो उसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
इस विवाद ने संसद तक हलचल मचा दी। लोकसभा में बड़ी संख्या में सांसदों के समर्थन के साथ उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया। इसके बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया। ऐसे में इस्तीफा देना उनके लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी जज ने आरोपों के चलते पद छोड़ा हो। इससे पहले भी कई न्यायाधीश जांच या महाभियोग के दबाव में इस्तीफा दे चुके हैं।
जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा भारतीय न्यायपालिका में जवाबदेही और पारदर्शिता के सवालों को फिर से केंद्र में ले आया है। कैश विवाद और महाभियोग प्रक्रिया के बीच उठाया गया यह कदम आने वाले समय में न्यायिक प्रणाली पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।