
Kangana Ranaut Trisha Controversy:बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने तमिलनाडु में अभिनेत्री त्रिशा से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बदनाम करने या उन्हें नीचा दिखाने के लिए उनके चरित्र पर सवाल उठाना कोई नई बात नहीं है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाली इस तरह की टिप्पणियों और चरित्र हनन की मानसिकता पर सवाल उठाए।
बीजेपी सांसद रनौत ने कहा कि यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनियाभर में मौजूद है। समाज को इस पर आत्ममंथन करने की जरूरत है कि महिलाओं के प्रति उसका नजरिया कैसा है।
कुल्लू में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कंगना रनौत ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में जो कुछ हुआ, उसमें एक सम्मानित कलाकार और अभिनेत्री का नाम सामने आया।
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच रिश्ते से जुड़ा मामला था। लेकिन जब गाली-गलौज और चरित्र हनन की बात आती है तो निशाना अक्सर महिला को ही बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि महिला चाहे नौकरी कर रही हो, सफल हो, नेता हो या किसी बड़े पद और अधिकार की स्थिति में हो, उसके खिलाफ सबसे पहले उसके चरित्र को निशाना बनाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने समाज से सवाल करते हुए कहा कि आखिर महिलाओं के चरित्र हनन की यह मानसिकता कब खत्म होगी। उन्होंने कहा कि समाज को अपने भीतर झांककर यह समझने की जरूरत है कि वह महिलाओं को किस नजर से देखता है और क्या वास्तव में उनका सम्मान करता है।
बता दें कि अगस्त में कावेरी से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि स्टालिन की कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। विपक्ष ने इसे त्रिशा से जोड़कर देखा।
हालांकि, DMK का कहना है कि उदयनिधि ने अभिनेत्री का नाम नहीं लिया था और उनके बयान को दुर्भावनापूर्ण तरीके से एडिट कर गलत तरीके से पेश किया गया।
इस विवाद के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि राजनीतिक आलोचना तीखी हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।
वहीं, विजय ने भी विपक्षी DMK को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं को निशाना बनाकर निजी हमले, दोहरे अर्थ वाले अपमान या अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया तो तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।