
कांग्रेस ने सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया (Photo-IANS)
Rahul Gandhi Political Strategy: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी राजनीतिक रणनीति बदल दी है। राहुल गांधी अब जेन-जी और महिलाओं पर ज्यादा फोकस कर रहे है। वहीं राहुल गांधी अब संगठन में भी अपनी पसंद के नेताओं को आगे बढ़ाने और अपनी टीम तैयार करने को लेकर पहले से अधिक सक्रिय भी नजर आ रहे है। इसको लेकर उन्होंने दो दिन तक पार्टी सचिवों के पद के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए।
राजस्थान के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को कांग्रेस ने पंजाब का प्रभारी बनाया है। दरअसल, पंजाब उन राज्यों में शामिल है, जहां पर पार्टी को सत्ता में वापसी की संभावना नजर आ रही है। हालांकि प्रदेश में पार्टी के अंदर गुटबाजी और खींचतान चल रही है।
इसको खत्म करने की पार्टी ने पहले भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दी थी, लेकिन बघेल इसको समाप्त करने में असफल रहे। अब बघेल की जगह पायलट को यह जिम्मेदारी दी है।
राहुल गांधी का सचिन पायलट पर भरोसा करना कई मायनों में अहम है। पायलट अपेक्षाकृत युवा नेता हैं और राहुल गांधी के करीबी राजनीतिक सहयोगियों में गिने जाते हैं। माना जा रहा है कि राहुल को उम्मीद है कि पायलट पंजाब में गुटबाजी से ऊपर उठकर संगठन को मजबूत करने में सक्षम होंगे।
इस फैसले का एक और राजनीतिक संदेश है। पार्टी के पुराने नेताओं, खासकर अशोक गहलोत जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ सचिन पायलट के पुराने मतभेद जगजाहिर रहे हैं। ऐसे में पायलट को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर राहुल गांधी यह संकेत भी दे रहे हैं कि वह अपने राजनीतिक फैसलों के पक्ष में खड़े होने से पीछे नहीं हटेंगे, भले ही वे पार्टी के पुराने नेताओं को पसंद न आएं।
गुजरात भी राहुल गांधी की रणनीति का एक अहम हिस्सा दिखाई देता है। लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे चुनौती देते हुए गुजरात में बीजेपी की हार की भविष्यवाणी की थी। कांग्रेस के लिए प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में बीजेपी को चुनौती देना सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक संदेश भी है।
हालांकि, अब तक गुजरात में कांग्रेस की कोशिशों के अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बंद कमरे में गुजरात की जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ नेताओं के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई है।
ऐसे में राहुल गांधी के भरोसेमंद नेताओं में शामिल रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया जाना एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यह नियुक्ति इस संकेत के तौर पर देखी जा रही है कि राहुल गांधी गुजरात में बीजेपी के खिलाफ अधिक आक्रामक और सक्रिय रणनीति चाहते हैं।
संगठन में होने वाले बदलाव केवल पंजाब और गुजरात तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में कांग्रेस में और भी नियुक्तियां हो सकती हैं।
कांग्रेस में मणिकम टैगोर और श्रीनिवास बीवी जैसे नेताओं को मिल रही जिम्मेदारियां भी इसी बदलती दिशा की ओर इशारा करती हैं। श्रीनिवास बीवी को कांग्रेस सेवा दल की जिम्मेदारी दी गई है।
इन नियुक्तियों से संकेत मिलता है कि राहुल गांधी ऐसे नेताओं को संगठन में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका देना चाहते हैं, जो उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक सोच के साथ तालमेल रखते हों।
2029 से पहले देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके अलावा 2029 में लोकसभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में राहुल गांधी अपनी टीम तैयार कर रहे हैं। गांधी चाहते हैं कि आगामी चुनावों में पार्टी एकजुट रहे और बेहतर प्रदर्शन करें।
Updated on:
08 Sept 2026 02:16 pm
Published on:
08 Sept 2026 02:16 pm
