
Karur Stampede Case Latest Update: करूर भगदड़ को लगभग एक साल बीत चुका है। लेकिन उसका दर्द आज भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय महसूस करते हैं। इसी हादसे में 41 लोगों की जान चली गई थी। इस बीच यही दर्द लिए विजय एक बार फिर पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्हें सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। कार्यक्रम के दौरान मंच के माध्यम से उन्होंने भावुक होकर कहा कि करूर हादसा उनके दिल का ऐसा जख्म है, जो आज तक नहीं भर पाया है। वह अब तक नहीं भूल पाए हैं।
उन्होंने कहा आगे कि उनके लिए सबसे बड़ी दौलत पैसा नहीं, बल्कि लोग हैं। उन्होंने बताया कि इस हादसे में उन्होंने अपने भाइयों, बहनों और मासूम बच्चों को खोया है। यही वजह है कि यह दर्द आज भी उनके दिल में जिंदा है।
बता दें यह हादसा पिछले साल 27 सितंबर को करूर में टीवीके की चुनावी रैली के दौरान हुआ था। अचानक मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। हादसे के बाद तमिलनाडु सरकार ने हर मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। वहीं TVK की ओर से 20 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया गया था। एटलस एरिना में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 32 प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है। जब मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच में इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई चल रही है। याचिका में पीड़ित परिवारों को स्थायी सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई है। अदालत ने फिलहाल पीड़ित परिवार वालों को अस्थायी नियुक्ति देने की अनुमति दी है।
इधर, कार्यक्रम में विजय भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनका उद्देश्य लोगों की भलाई करना है। ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए उनकी सरकार पूरी गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि करूर हादसे के लिए उन पर आरोप लगाए गए, लेकिन इससे उनका इरादा नहीं बदला। वह लोगों के लिए काम करते रहेंगे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में जब पार्टी फंड का मुद्दा उठा तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार में सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पहले के मुकाबले काफी कम हुई है।