
Congress Protest: कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के मुद्दे को लेकर रैली आयोजित होगी। इसको लेकर कांग्रेस ने तैयारी तेज कर दी है। वहीं मंगलवार को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल रामलीला मैदान पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विरोध प्रदर्शनों से डर रहे हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों को पुलिस ने रोक दिया। इससे साफ है कि यह केवल दिल्ली पुलिस का फैसला नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के दबाव में उठाया गया कदम है।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इसके लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान बुक कराया है और अनुमति भी मिल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन पहले जब पार्टी के कार्यकर्ता कार्यक्रम के लिए जरूरी ढांचा तैयार करने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम के लिए अनुमति दी गई है, तो फिर तैयारियां करने से क्यों रोका जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी सरकार के दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रामलीला मैदान में कार्यक्रम करने से रोका जाता है, तो दिल्ली में किसी दूसरी जगह विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए कई स्थान हैं। ऐसे में पुलिस कांग्रेस को प्रदर्शन करने से कैसे रोक सकती है? पार्टी अपने कार्यक्रम को हर हाल में आयोजित करेगी।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि एक तरफ वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को भी रोकने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला है और कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।
केसी वेणुगोपाल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य साफ है। जब तक ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया नहीं जाता और देश की चुनाव व्यवस्था को शुद्ध एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।