Kedarnath Avalanche: केदारनाथ धाम में आए बर्फीले तूफान के कारण रविवार को लोगों की सांसे थम गई। अलसुबह जब लोग दर्शन के लिए जा रहे थे तो गांधी सरोवर के ऊपर तेज आवाज के साथ अचानक बर्फ की नदी बहने लगी। गनीमत यह रही कि किसी को भी जानमान का नुकसान नहीं हुआ है।
Kedarnath Avalanche: मानसूनी बरसात के साथ उत्तराखंड से एक बड़ी खबर आ रही है। केदारनाथ में एवलांच हुआ है। यह जगह केदारनाथ धाम से चार किलोमीटर ऊपर है। यहां रविवार को बहुत तेज आवाज के साथ हिमस्खलन हुआ है। इसके बाद गांधी सरोवर से बर्फ की नदी बहने लगी।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया है कि यह घटना सुबह पांच बजकर छह मिनट पर केदारनाथ घाटी ऊपरी छोर पर स्थित हिमाच्छादित मेरु-सुमेरु पर्वत श्रृंखला के ठीक नीचे चौराबाड़ी हिमनद में गांधी सरोवर के ऊपरी क्षेत्र में हुई है। गनीमत यह रही कि किसी को भी जानमान का नुकसान नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि चौराबाड़ी हिमनद में हुए हिमस्खलन से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। केदारनाथ धाम सहित पूरा क्षेत्र सुरक्षित है। हिमस्खलन एक सामान्य घटना है। हालांकि करीब पांच मिनट की प्राकृतिक घटना को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह आश्चर्य दिखाई दिया।
केदारनाथ में जिस समय यह घटना हुई। उस समय श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए जा रहे थे। इसके बाद तेज आवाज के साथ जब लोगों को बर्फ की नदी बहती दिखाई दी तो लोग वीडियो बनाने लगे। इसके बाद यह पूरी घटना इस समय वायरल हो रही है। इस वीडियो में साफ तौर पर गुबार के साथ बर्फ नीचे खिसकते हुए दिखाई दे रही है। इस वीडियो में चोराबाड़ी ग्लेशियर और गांधी सरोवर से ऊपर हिमस्खलन गहरी खाई में समा रहा है।
आठ जून को चौराबाड़ी हिमनद में हिमस्खलन हुआ था। 2022 में तीन बार और 2023 में पांच बार इस तरह की घटना यहां हो चुकी है। भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने सर्वेक्षण करके हिमस्खलन को सामान्य बताया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा और भी बेहतर की जाए।