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अब क्या करेगा इलेक्शन कमीशन? इस राज्य में SIR के खिलाफ प्रस्ताव पारित, CM बोले- जल्द ही चुनाव है, ऐसे में…

केरल विधानसभा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में चुनाव आयोग से पारदर्शी तरीके से एसआईआर कराने की अपील की गई है। विधानसभा ने दो मामूली संशोधनों के साथ प्रस्ताव को मंजूरी दी।
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वोटर लिस्ट। फोटो- IANS

केरल विधानसभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। साथ ही, चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया से बचने और पारदर्शी तरीके से देश भर में एसआईआर कराने की अपील की गई है।

केरल विधानसभा में एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा प्रस्तुत किया गया था। विधानसभा ने दो मामूली संशोधनों के साथ प्रस्ताव को पारित कर दिया।

प्रस्ताव में कहा गया- मतदाताओं का बहिष्कार 'अतार्किक' था

प्रस्ताव में कहा गया कि बिहार में लागू एसआईआर में 'बहिष्कार की राजनीति' नजर आती है। मतदाताओं का बहिष्कार 'अतार्किक' था और इसे पूरे देश में लागू करने से बड़ा संदेह पैदा हुआ है।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे चुनावी राज्यों में सर्वोच्च न्यायालय ने अभी तक इस प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता पर फैसला नहीं सुनाया है। इसलिए जल्दबाजी में एसआईआर लागू करना सही कदम नहीं माना जा सकता।

विस्तृत चर्चा के बाद ही लागू किया जाना चाहिए एसआईआर

एसआईआर जैसी प्रक्रिया को विस्तृत चर्चा के बाद ही लागू किया जाना चाहिए। अनावश्यक जल्दबाजी ने इस आशंका को जन्म दिया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य लोकतंत्र को कुचलना है और इसने चुनाव आयोग को संदेह के घेरे में ला दिया है।

एसआईआर के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव में यह भी तर्क दिया गया कि केरल में जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव और उसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में एसआईआर लागू करने के पीछे कोई बड़ा उद्देश्य छिपा है।

केरल विधानसभा ने क्या कहा?

विधानसभा ने कहा कि 2002 की मतदाता सूची का उपयोग करके एसआईआर लागू करना सही नहीं है। जिन मतदाताओं के पास नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें बाहर करने का कदम संविधान के अनुच्छेद 236 का उल्लंघन है, जो नागरिकों के लिए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार सुनिश्चित करता है।

प्रस्ताव में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि एसआईआर में निर्धारित शर्तों से अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोग, महिलाएं और गरीब परिवार चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो जायेंगे। इसके अलावा, विदेशी मतदाताओं के मतदान के अधिकार की भी रक्षा की जानी चाहिए।

Updated on:
29 Sept 2025 02:07 pm
Published on:
29 Sept 2025 02:07 pm