Kerala Assembly Elections: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदाता भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए उबर इंडिया ने एक अनोखी मुहिम शुरू की है। कंपनी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सहयोग से एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जिलों के मतदाताओं के लिए पोलिंग बूथ तक मुफ्त राइड की सुविधा घोषित की है। यह योजना […]
Kerala Assembly Elections: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदाता भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए उबर इंडिया ने एक अनोखी मुहिम शुरू की है। कंपनी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सहयोग से एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जिलों के मतदाताओं के लिए पोलिंग बूथ तक मुफ्त राइड की सुविधा घोषित की है। यह योजना 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन लागू होगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिवहन की कमी को दूर करना और सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता बिना किसी परेशानी के अपना वोट डाल सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतदाता उबर ऐप के जरिए कार, ऑटो या बाइक कैटेगरी में मुफ्त सेवा का लाभ ले सकेंगे। सभी पोलिंग बूथों के स्थान ऐप में पहले से इंटीग्रेट और मार्क किए गए हैं, जिससे मतदाताओं को आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
2 किलोमीटर तक पूरी तरह मुफ्त: पिकअप पॉइंट से पोलिंग बूथ तक 2 किमी की दूरी तक की यात्रा बिल्कुल फ्री होगी। यह एक तरफा या राउंड ट्रिप दोनों पर लागू है।
2 किमी से ज्यादा दूरी: अतिरिक्त दूरी के लिए मतदाताओं को उबर के स्टैंडर्ड रेट के अनुसार किराया देना होगा।
कैसे इस्तेमाल करें: मतदाताओं को उबर ऐप ओपन करना होगा, वैलिड वोटर आईडी दिखानी होगी और डेस्टिनेशन में नजदीकी पोलिंग बूथ सिलेक्ट करना होगा। ऐप में सभी बूथ पहले से चिह्नित हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च को घोषणा की कि केरल विधानसभा चुनाव एक चरण में 9 अप्रैल 2026 को होंगे। मतगणना 4 मई को होगी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। ईसीआई इस बार 85 प्रतिशत मतदान लक्ष्य रखा है और युवा मतदाताओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रहा है।
केरल में सत्ता की लड़ाई काफी दिलचस्प है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का लक्ष्य सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को हराकर 140 सदस्यीय विधानसभा पर कब्जा करना है। एलडीएफ लगभग एक दशक से राज्य पर शासन कर रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन दो लगातार कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। यह 1977 के बाद पहला मौका था जब कोई सत्तारूढ़ गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटा। यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं, जबकि एनडीए वोट शेयर में बढ़ोतरी के बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सका। सीपीआई(एम) सबसे बड़ी पार्टी बनी (62 सीटें), जबकि कांग्रेस ने 21 सीटें हासिल कीं। 2021 में एलडीएफ को कुल वोटों का 41.5 प्रतिशत मिला, यूडीएफ को 38.4 प्रतिशत और एनडीए को 11.4 प्रतिशत।