
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी
TMC: ममता बनर्जी के लिए संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के 60 विधायकों ने पार्टी का स्पीकर के सामने ऋतब्रत बनर्जी को स्पीकर बनाने का प्रस्ताव रख दिया। जिसे विधानसभा स्पीकर ने भी मान्यता दे दी। इसके तुरंत बाद जानकारी सामने आई कि पार्टी नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभषेक बनर्जी के घर ED की चार टीमें पहुंच गई हैं। ईडी मनी लॉड्रिंग और कथित प्राइमरी शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची है। ED ने अभिषेक बनर्जी को 15 जून को पेश होने के लिए समन भी भेज दिया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता दे दी है और इसके साथ ही विपक्ष के नेता लिए तय कमरा भी उन्हें औपचारिक रूप से सौंप दिया गया है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विपक्ष के लिए निर्धारित कक्ष की चाबी भी ऋतब्रता बनर्जी को दे दी गई है। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके साथ 60 विधायक हैं और असली टीएमसी वो ही है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हाल ही में उन्होंने जरूरी पत्र जमा किया है और अब उन्हें आधिकारिक तौर पर विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी मिल गई है। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें मार्गदर्शन देती रहें। उन्होंने यहां तक कहा कि वे चाहेंगे कि ममता दीदी उनकी 'मुख्य सलाहकार' बनी रहें, ताकि विपक्षी खेमे को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। इसी दौरान उन्होंने पार्टी के अंदरूनी हालात पर भी सीधा हमला बोला।
आपको बता दें कि इससे पहले भी कई बार कई जांच एजेंसियां अभिषेक बनर्जी के घर पहुंच चुकीं हैं। सबसे पहले बंगाल नगर निगम की ओर से एक टीम उनके घर पहुंची थी। जिसमें अभिषेक बनर्जी और उनके करीबियों पर यह आरोप था कि उन्होंने अपने प्रॉपर्टी में अवैध निर्माण करवाया है। जिसके लिए उन्हें नोटिस भी दिया गया था। उसके बाद एक मामले में सीआईडी की टीम भी उनके हर पहुंची थीं। अब ईडी की भी एंट्री हो गई है।
Updated on:
03 Jun 2026 06:26 pm
Published on:
03 Jun 2026 05:39 pm
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