20 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘ऐसी पार्टियों के साथ गठबंधन किया, जो विचारधारा के खिलाफ’, 6 सांसदों ने क्यों छोड़ा उद्धव ठाकरे का साथ? एक और वजह सामने आई

Shiv Sena UBT News: शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका लगा है। लोकसभा स्पीकर ने उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों को शिंदे गुट में विलय की मंजूरी दे दी। इस पर शिंदे गुट ने करारा हमला बोला है।
2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Mukul Kumar

Jul 19, 2026

Maharashtra politics Sachin Ahir joins shiv sena

उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (Photo: IANS)

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद अब आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का हिस्सा बन गए हैं। संसद के मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले आए इस फैसले को शिंदे गुट ने अपनी बड़ी जीत बताया है, जबकि उद्धव ठाकरे की पार्टी के लिए यह बड़ा झटका है।

इस बीच, शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह संविधान और कानून के अनुसार लिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि इन सांसदों ने कोई गलत काम नहीं किया। अगर किसी गुट के पास दो तिहाई बहुमत है तो वह पार्टी बदल सकता है, यही कानून कहता है।

'सब कानून के दायरे में'

एकनाथ गुट के शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोकसभा स्पीकर का आदेश बहुत साफ है। यह दर्शाता है कि सब कुछ नियमों के दायरे में हुआ है।

निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा- जनता का भरोसा उद्धव की पार्टी से उठ चुका है। पार्टी लगातार छोटी हो रही है, टूट रही है और बिखर रही है।

'पार्टी बचाने के लिए राम का ले रहे नाम'

संजय ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने अपनी मूल हिंदुत्व की विचारधारा को छोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि उद्धव ने ऐसी पार्टियों से गठबंधन किया है, जिनकी सोच हिंदुत्व के बिल्कुल उलट है। यह विचारधारा के विपरीत है। यही वजह है कि लोग उन्हें छोड़ रहे हैं।

निरुपम ने उद्धव पर तंज कसते हुए कहा- पार्टी टूटने लगी तो राम नाम लेने लगे हैं। राम के विरोधियों के साथ बैठकर राम रक्षा स्तोत्र पढ़ना वैसा ही है जैसे रावण राम की स्तुति करे।

'उद्धव से उठ रहा भरोसा'

इस बीच, शिवसेना की महिला नेता शाइना एनसी ने भी इस विकास पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह फैसला दिखाता है कि नेता और कार्यकर्ता एकनाथ शिंदे की प्रगतिशील राजनीति पर भरोसा कर रहे हैं।

शाइना ने उद्धव गुट से सवाल भी किया। उन्होंने पूछा- आपको सोचना चाहिए कि आपके नेता और कार्यकर्ता बार-बार हमारी पार्टी में क्यों आ रहे हैं?

बता दें कि उद्धव का साथ छोड़कर एकनाथ के साथ आए ये छह सांसद अब उद्धव ठाकरे गुट के बजाय शिंदे गुट की तरफ से संसद में बैठेंगे। शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि यह फैसला उनकी राजनीति की मजबूती को दिखाता है।