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Parliament Monsoon Session: TMC सांसद सौगत रॉय का बागी सांसदों पर हमला, बोले- ‘ये गद्दार हैं, BJP-NDA के साथ चले गए’

टीएमसी सासंद सौगत रॉय ने बागी सांसदों को लेकर कहा कि वे अपनी अलग संसदीय समिति बना सकते हैं, लेकिन वे गद्दार हैं।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 20, 2026

Saugata Roy on rebel TMC MPs

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय (Photo-IANS)

TMC Rebel MPs Called Traitors: संसद का आज से मानसून सत्र शुरू हो गया है। वहीं टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बागी सांसदों को गद्दार कहा। दरअसल, टीएमसी के 20 सांसदों ने पार्टी से बागी होकर एनसीपीआई में शामिल हो गए थे। इन सांसदों ने सदन में एनडीए का समर्थन करने की भी बात कही थी। इन सांसदों ने लोकसभा में अलग संसदीय दल के रूप में मान्यता देने की भी मांग की है।

टीएमसी सासंद सौगत रॉय ने बागी सांसदों को लेकर कहा कि वे अपनी अलग संसदीय समिति बना सकते हैं, लेकिन वे गद्दार हैं। जिस पार्टी और चुनाव चिह्न के दम पर वे जीतकर संसद पहुंचे, उसी को छोड़ दिया। वे भाजपा के खिलाफ चुनाव जीते थे और अब भाजपा-एनडीए के साथ जा रहे हैं। 

इसी बीच सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को लोकसभा में एनसीपीआई का नेता और काकोली घोष दस्तीदार को पार्टी का मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनाया गया है। रविवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दोनों नेताओं को संसद सत्र से पहले आयोजित बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया था। 

बता दें कि बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद टीएमसी के अंदर अदरूनी कलह सामने आ गई। पार्टी विधानसभा और संसद में दोनों सदनों में टूट गई। विधानसभा में पार्टी के 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया, जबकि संसद में 20 सांसद बागी होकर एनसीपीआई में शामिल हो गए।

सदन की कार्यवाही हुई स्थगित

बता दें कि संसद के दोनों सदनों में मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों का हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा में विपक्षी सांसद वेल में घुस गए और जमकर नारेबाजी की। वहीं दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। 

विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही प्रभावित करने पर बीजेपी नेता केया घोष ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सार्थक चर्चा करने के बजाय सदन में हंगामा करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि ऐसे विधेयक पारित हों, जिनसे देश और जनता का भला हो। अगर विपक्ष वास्तव में इतना मजबूत होता तो देश की जनता बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए को सत्ता में नहीं लाती। भारत सुरक्षित हाथों में है और विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, यही बात विपक्ष को परेशान करती है।

टीएमसी के बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी की हालत एक ठुकराए हुए प्रेमी जैसी हो गई है।