याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि मंदिर में सोना, चांदी और नकद दान का पारदर्शी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर दान का दावा सत्यापित करना संभव नहीं है, लेकिन जहाँ रसीद जारी की गई है, वहाँ दान और उससे जुड़े सामान का पूरा रिकॉर्ड और इन्वेंट्री हर हाल में सुरक्षित रखी जानी चाहिए। अदालत ने जांच से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की आवश्यकता भी दोहराई।