
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे। (Photo- IANS)
Mallikarjun Kharge Birthday Cancelled: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर विरोध जताते हुए उन्होंने जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला लिया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सोमवार को देश ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को कुचला जाना देखा है। उन्होंने कहा कि इंसाफ मांग रहे छात्रों को जवाब देने के बदले ताकत से दबाया गया, और यह किसी भी लोकतंत्र की मां कहलाने वाले देश को शोभा नहीं देता है। उन्होंने लिखा कि हजारों समर्थकों और आम लोगों की शुभकामनाओं के लिए वे दिल से शुक्रगुजार हैं, लेकिन आज जश्न का दिन नहीं बल्कि जवाबदेही मांगने का दिन है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्ट में मोदी सरकार से कई तल्ख सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि इंसाफ मांग रहे छात्रों पर लाठियां और आंसू गैस क्यों चलाई गई, संसद के आसपास इंटरनेट क्यों बंद किया गया और बार-बार हो रहे पेपर लीक की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग रखी कि सुरक्षित डिजिटल क्वेश्चन बैंक और रैंडम पेपर सिस्टम के साथ 21वीं सदी के हिसाब से एक नया परीक्षा तंत्र बनाया जाए, जो आरएसएस के राजनीतिक दखल से पूरी तरह मुक्त हो।
इससे पहले मंगलवार सुबह संसद भवन में इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं ने एक अहम रणनीतिक बैठक की। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी, वाम दलों और शिवसेना जैसी सहयोगी पार्टियों के नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर मानसून सत्र में साझा रणनीति और सदन की कार्यवाही को लेकर आगे की रणनीति तय की। साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को पूरे सत्र में उठाने के मूड में है।
वहीं दूसरी ओर सरकार ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। रिजिजू के मुताबिक पीएम ने कहा कि पेपर लीक जैसा मसला पूरे देश की चिंता का विषय है और इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बता दें कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है और यह 13 अगस्त तक चलेगा, यानी आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है।
Updated on:
21 Jul 2026, 12:34 PM IST
Published on:
21 Jul 2026, 12:02 PM IST
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