
कंगना रनौत ने छात्रों पर दिया बयान (फोटो सोर्स- ANI)
Kangana Ranaut On Delhi Jantar-Mantar Protest: नई दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के बाद अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सांसदों को सुरक्षा को लेकर चिंता हुई थी और उन्हें लगा था कि कहीं भीड़ संसद पर हमला न कर दे।
उन्होंने इस दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना की। वहीं एक दूसरे बयान में उन्होंने कोचिंग संस्थानों पर छात्रों को उकसाने का आरोप लगाया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
दिल्ली में सोमवार को CJP की ओर से संसद मार्च का आह्वान किया गया था। जंतर-मंतर से शुरू हुआ ये प्रदर्शन संसद की ओर बढ़ा, जहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं।
इसी घटनाक्रम के बाद संसद के मानसून सत्र में मौजूद कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदर्शन की स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि संसद के गेट तक बंद करने पड़े। उनके मुताबिक कुछ समय के लिए सांसदों को भी आशंका थी कि प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कवच बनकर स्थिति को संभाला और सार्वजनिक संपत्ति तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
हालांकि कंगना का एक और बयान सोशल मीडिया पर ज्यादा चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि कुछ कोचिंग सेंटर छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं और इस पर भी कार्रवाई की जरूरत है। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। कुछ लोगों ने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर ध्यान देना चाहिए, जबकि कुछ ने कंगना के बयान को वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला बताया।
दूसरी ओर कंगना के समर्थकों ने उनका बचाव भी किया। उनका कहना है कि सांसद ने केवल कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी अपनी चिंता व्यक्त की है तथा उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष में लगातार बहस जारी है।
उधर दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने, पथराव करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं और हिंसा से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही कई लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Updated on:
21 Jul 2026 05:34 pm
Published on:
21 Jul 2026 05:34 pm
