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CJP प्रदर्शन पर कार्रवाई तेज: दंगा भड़काने, आर्म्स एक्ट समेत 5 FIR दर्ज, 250 वीडियो से पुलिस कर रही आरोपियों की पहचान

CJP Protest Action: सोमवार को नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने 5 एफआईआर दर्ज की हैं। 250 से अधिक वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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नई दिल्ली

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Dinesh Dubey

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Updated: 21 Jul 2026, 12:13 PM IST

CJP Parliament March Protest action

दिल्ली में जंतर-मंतर पर उपद्रव मामले में 5 FIR दर्ज (Photo: ANI)

Delhi Jantar Mantar Violence: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नीट पेपर लीक के विरोध में सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर और भी मामले दर्ज किए जाएंगे।

जंतर-मंतर पर उपद्रव का आरोप, कई गंभीर धाराओं में केस

जानकारी के अनुसार, संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया हैं। आर्म्स एक्ट के तहत भी एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, तोड़फोड़ और हिंसा जैसे आरोप शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। इस पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

250 से ज्यादा वीडियो और ड्रोन फुटेज खंगाल रही दिल्ली पुलिस

पुलिस की जांच फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों पर केंद्रित है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों के पास 250 से अधिक वीडियो हैं, जिनमें मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे और पुलिस कर्मियों के बॉडी कैमरों की रिकॉर्डिंग शामिल है।

इन्हीं वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।

क्या हिंसा पहले से थी सुनियोजित?

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या जंतर-मंतर पहुंचने वाले कुछ लोग पहले से हिंसा की योजना बनाकर आए थे। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को जुटाया गया था और बाद में हिंसा हुई। सोमवार को दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें कुछ युवक पुलिस बैरिकेड के पीछे और उसके पास आकर पथराव करते दिखाई दे रहे थे।

दिल्ली पुलिस ने वर्दी में गुंडे भरे थे- अभिजीत दीपके का आरोप

उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "कल हमने देखा कि दिल्ली पुलिस ने कितनी बेरहमी से छात्रों, बच्चों को पीटा। 12 साल की लड़कियों के सिर फोड़ दिए गए और यह काम पुरुष पुलिसकर्मियों ने किया। कल दिल्ली पुलिस की वर्दी में गुंडे भरे थे।"

बता दें कि सोमवार को कथित नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिला और अपनी मांगें रखीं। हालांकि, संसद की ओर बढ़ रहा मार्च हिंसक हो गया। पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।