
Directorate of Enforcement :चेन्नई में ED की दो स्थानों पर छापेमारी, पूर्व RTO अधिकारी के घर तलाशी (फोटो सोर्स:@enforcementdirectorate.gov.in)
ED search Operation Chennai: मंगलवार की अलसुबह चेन्नई का तेनामपेट और तिरुवोट्टियूर का इलाका आम दिनों की तरह ही जाग रहा था। लेकिन ठीक सुबह 8 बजे अचानक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की गाड़ियों के काफिले ने दो चुनिंदा इमारतों को चारों तरफ से घेर लिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जासूसों की टीम तेनामपेट में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के एक सेवानिवृत्त उप आयुक्त के बंगले और कलाडीपेट स्थित एक बड़े व्यापारी की हवेली में दाखिल हो चुकी थी।
बिना किसी पूर्व आहट के हुई इस ताबड़तोड़ छापेमारी ने स्थानीय प्रशासनिक गलियारों से लेकर शहर के व्यापारिक गलियारों तक सनसनी फैला दी।
जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दोनों ठिकानों पर मौजूदगी दर्ज कराते ही सबसे पहले सभी रास्ते सील कर दिए। छापेमारी की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों आरोपी पूर्व सरकारी अधिकारी और व्यवसायी अपने-अपने घरों पर ही मौजूद थे। बंद दरवाजों के पीछे घंटों तक हर एक कमरे, अलमारी और संदिग्ध फाइलों को छाना गया।
हालांकि, इस अचानक हुई रेड के पीछे का वास्तविक मामला क्या है, इसको लेकर जांच एजेंसी ने अभी आधिकारिक तौर पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। मौके से कोई अहम दस्तावेज, बेनामी संपत्ति के कागजात, वित्तीय रिकॉर्ड्स या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस जब्त हुए हैं या नहीं, इसे भी पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।
सरकारी तंत्र में उच्च पदों पर रहे पूर्व अधिकारियों के खिलाफ ED का यह कोई पहला कड़ा कदम नहीं है। जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय हेरफेर, आय से अधिक संपत्ति मामले या मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जारी जांच की एक कड़ी हो सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
तमिलनाडु में ED का बढ़ता दायरा: हाल के महीनों में तमिलनाडु में RTO, बालू खनन, और आबकारी विभागों से जुड़े मामलों में ED ने अपनी दबिश बढ़ाई है।
मनी लॉन्ड्रिंग का शक: अक्सर ऐसे मामलों में पद पर रहते हुए अवैध रूप से कमाए गए धन को शेल कंपनियों या रियल एस्टेट के जरिए सफेद करने का खेल देखा जाता है।
कारोबारी कनेक्शन: एक पूर्व नौकरशाह और एक प्रमुख व्यापारी के ठिकानों पर एक साथ छापा पड़ना, किसी बड़े नेक्सस (सांठ-गांठ) की ओर सीधा इशारा करता है।
फिलहाल केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े हर एक बिंदु को खंगालने में जुटी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शुरुआती प्राथमिक तलाशी के बाद जब्त किए गए डेटा और वित्तीय ब्योरों के आधार पर संबंधित लोगों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा, आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों पर से पर्दा उठने की पूरी संभावना है।
Updated on:
21 Jul 2026 12:15 pm
Published on:
21 Jul 2026 12:05 pm
