21 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

मुख्यमंत्री विजय पर विवादित टिप्पणी के बाद DMK विधायक गिरफ्तार, घर के बाहर समर्थकों का हंगामा

CM Joseph Vijay: तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक बवाल। मुख्यमंत्री विजय को सरेआम धमकी देने के आरोप में DMK विधायक जी. वी. मार्कंडेयन को पुलिस ने सुबह-सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। जानिए क्या है पूरा मामला।
2 min read
Google source verification
Tamil Nadu Politics, Thoothukudi Police Action

CM विजय पर विवादित बयान के बाद DMK विधायक गिरफ्तार | फोटो सोर्स-X (@svigneshchn)

DMK MLA Arrested: तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने के आरोप में सत्तारूढ़ दल DMK (द्रमुक) के विधायक जी. वी. मार्कंडेयन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार की सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। विधायक को हिरासत में लेते ही उनके सैकड़ों समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी के आगे आकर हंगामा शुरू कर दिया।

क्यों हुई विधायक की गिरफ्तारी?

इस पूरे विवाद की वजह एक वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। विलाथिकुलम सीट से विधायक मार्कंडेयन एक मीटिंग में भाषण दे रहे थे। इस भाषण में उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ व्यक्तिगत हमले और साथ ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे सीधे तौर पर मारपीट या हिंसा की धमकी माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और विधायक को उनके घर से हिरासत में ले लिया।

विधायक के घर पहुंची पुलिस, समर्थकों का हाई-वोल्टेज ड्रामा

सोमवार सुबह जब विलाथिकुलम स्थित विधायक मार्कंडेयन के आवास पर भारी पुलिस बल पहुंचा, तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जैसे ही इसकी खबर फैली, विधायक के समर्थक भारी संख्या में घर के बाहर जमा हो गए। समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विधायक को ले जा रही गाड़ी का रास्ता रोकने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते से हटाया और मार्कंडेयन को पूछताछ के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय ले गई, जहां से उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है।

भाषण में और क्या कहा था?

विधायक का यह विवादित भाषण सिर्फ राजनीतिक विरोध तक नहीं था, बल्कि उन्होंने मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत मजाक भी उड़ाया था और विधानसभा में उनके काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा, विधायक ने सरकार की कृषि नीतियों पर भी गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कृषि ऋण माफी के मानदंडों में छोटे और बड़े किसानों के बीच भेदभाव कर रही है। साथ ही उन्होंने सरकार के चुनावी वादों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।