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E20 Petrol: ई20 पेट्रोल पर उठे सवाल, पंप संचालकों का बड़ा दावा, पानी मिलने से बंद हो रही गाड़ियां

E20 Petrol Issue: तमिलनाडु के पेट्रोल पंप मालिकों ने दावा किया है कि बारिश और नमी के कारण ई20 पेट्रोल दूषित हो रहा है। उनका कहना है कि इससे कुछ वाहनों में खराबी आने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
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E20 Petrol Issue

ई20 पेट्रोल। फाइल फोटो- पत्रिका

चेन्नई। तमिलनाडु और तटीय इलाकों में पेट्रोल पंप मालिकों ने दावा किया है कि एथेनॉल मिश्रित ई20 ईंधन में नमी सोखने के कारण ईंधन दूषित हो रहा है। बरसात और समुद्री नमी से भूमिगत टैंकों में पानी घुसने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ई20 ईंधन (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण) में एथेनॉल आसानी से पानी सोख लेता है। बारिश या नमी के कारण जब टैंक में पानी पहुंच जाता है, तो एथेनॉल और पेट्रोल अलग-अलग परतों में बंट जाते हैं। इससे ईंधन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

उनका कहना है कि भूमिगत टैंकों में पानी की मात्रा 0.5 प्रतिशत से अधिक होने पर एथेनॉल पानी से बंध जाता है और नीचे पानी-एथेनॉल मिश्रण बैठ जाता है, जबकि ऊपर पेट्रोल की परत रहती है। फ्यूल डिस्पेंसर टैंक के निचले हिस्से से ईंधन खींचते हैं, जिससे कई वाहनों में पानी-युक्त मिश्रण चला जाता है और वाहन बंद पड़ जाते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें ग्राहकों को कीचड़ जैसा पानी मिलता दिखा। एक मामले में एक कार इंजन खराब हुआ था। कंपनी ने इसका कारण दूषित पेट्रोल बताया था।

पेट्रोल पंप मालिकों की चिंताएं

पेट्रोल पंप मालिकों का दावा है कि तटीय क्षेत्रों में भूजल रिसाव और बरसात से समस्या बढ़ रही है। माइल्ड स्टील पाइपलाइन और टैंक में जंग लगने का खतरा है। पंप मालिकों को रोजाना तीन बार पानी जांचने का निर्देश है। वहीं बरसात के मौसम में हर दो घंटों पर। ईंधन में पानी मिलने पर ऑयल मार्केटिंग कंपनी को सूचना दी जाती है और हाथ पंप से पानी निकाला जाता है। इस नुकसान का बोझ पंप मालिकों पर पड़ता है। उनका कहना है कि कई पेट्रोल पंप मालिकों ने 600 लीटर से 20,000 लीटर तक ईंधन खोया है।

ओएमसी और आइओसीएल का पक्ष

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आइओसीएल) ने कहा कि उनके पास जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। हाल ही में 10,000 आकस्मिक निरीक्षण और 8,500 गुणवत्ता परीक्षण किए गए। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित डीलर पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

अतिरिक्त मुद्दे

पंप मालिकों ने कहा कि ग्राहकों को जानकारी देने के लिए लगाए गए ई20 बोर्ड हटाने को ओएमसी ने मजबूर किया है। इतना ही नहीं वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे बारिश और वाहन धुलाई के दौरान पानी को फ्यूल टैंक में जाने से रोकें। तमिलनाडु पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कहा कि तटीय क्षेत्रों में भूजल रिसाव और बरसात से समस्या बढ़ रही है। माइल्ड स्टील पाइपलाइन और टैंक में जंग लगने का खतरा भी है। एसोसिएशन ने सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से मांग की है कि पंप मालिकों को राहत दी जाए और तकनीकी समाधान निकाला जाए।