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ट्रेन के AC केबिन को कपल ने सजाकर बना दिया प्राइवेट रूम, नंदीग्राम एक्सप्रेस का VIDEO हुआ वायरल, टीटीई सस्पेंड

Trending Viral Video: नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे को हनीमून कक्ष की तरह सजाने का मामला सामने आने के बाद रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में लापरवाही के आरोप में टीटीई को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
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भारत

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Rakesh Mishra

Jul 08, 2026

Trending Viral Video

फूलों से सजा रेलवे का एसी कोच। फोटो- पत्रिका नेटवर्क

नई दिल्ली। रेलवे ने महाराष्ट्र में बल्हारशाह से दादर (मुंबई) के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के एक प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कूपे को सजाने के मामले को गंभीरता से लिया है और इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में ट्रेन टिकट निरीक्षक (टीटीई) को निलंबित कर विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। रेलवे ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को नंदीग्राम एक्सप्रेस (11002 डाउन ट्रेन) के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कूपे में यात्रा कर रहे एक विवाहित जोड़े ने कूपे को सुहागरात के कक्ष की तरह सजा दिया था।

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इसके लिए उसने ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से डेकोरेटर की सेवाएं ली थीं। ऐसा करने से पहले सजाने वाले डेकोरेटर के प्रवेश के लिए कोई अनुमति नहीं ली गयी थी। रेलवे ने इसे एक गंभीर चूक करार देते हुए संबंधित टीटीई को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। हनीमून कक्ष की तरह सजे ट्रेन के कूपे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर रेलवे अधिकारियों ने इसको संज्ञान में लिया।

सोशल मीडिया पर इस रोमांटिक माहौल वाले ट्रेन कोच के वीडियो को लेकर नेट पर सक्रिय लोगों हैरानी, आश्चर्य और चटखारे भरी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ट्रेन नहीं, यह तो वेडिंग नाइट एक्सप्रेस लग रही है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि ट्रेन स्टेशन पर रुक जाएगी, लेकिन इस कोच की चर्चा लंबे समय तक चलती रहेगी।

रेलवे ने किया साफ

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर कोई यात्री पूरा केबिन बुक करता है और उसे अपनी पसंद से सजाता है, तो इस पर रेलवे को कोई आपत्ति नहीं है। यात्री अपने सफर को यादगार बनाने के लिए केबिन को अपनी इच्छा के मुताबिक सजा सकता है। इसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाता। हालांकि इस मामले में विवाद केबिन की सजावट नहीं, बल्कि एक निजी डेकोरेटर के ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में प्रवेश को लेकर है।

सुरक्षा नियमों के खिलाफ

रेलवे का कहना है कि बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति का वीआईपी कोच में जाना सुरक्षा नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रेलवे अब यह पता लगाने में जुटा है कि डेकोरेटर को कोच में प्रवेश कैसे मिला और इस पूरी घटना में किन कर्मचारियों की जिम्मेदारी बनती है। छानबीन के आधार पर दोषी पाए जाने पर और कर्मचारियों के खिलाफ भी गाज गिर जा सकती है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।