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पश्चिमी राजस्थान में 150 करोड़ की लागत से बनेगा विश्वस्तरीय रेलवे ट्रर्मिनल, उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत श्रीगंगानगर जिले के बिरधवाल रेलवे स्टेशन पर 150 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय कार्गो टर्मिनल विकसित किया जाएगा। 27 किलोमीटर लंबे नए रेल नेटवर्क के साथ यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान को नया लॉजिस्टिक्स हब बनाएगी, जिससे सीमेंट उद्योग को तेज, सस्ता और बेहतर माल परिवहन मिलेगा तथा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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श्री गंगानगर

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Kamal Mishra

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हनुमंत ओझा

Jul 08, 2026

Biradhwal Railway Cargo Terminal

Biradhwal Railway Cargo Terminal : फोटो-एआई जेनरेटेड)

श्रीगंगानगर। उत्तर-पश्चिम राजस्थान जल्द ही देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत बीकानेर मंडल के बिरधवाल रेलवे स्टेशन पर करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल विकसित किया जाएगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे सीमेंट उद्योग को नई गति देगी, बल्कि माल परिवहन व्यवस्था को भी आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाएगी। रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, माल ढुलाई तेज होगी और क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

बिरधवाल स्टेशन को विश्वस्तरीय रेलवे कार्गो टर्मिनल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। परियोजना के तहत आधुनिक लोडिंग-अनलोडिंग सुविधाओं के साथ करीब 27 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा। इससे लंबी और अधिक क्षमता वाली मालगाड़ियों का संचालन आसान होगा तथा उद्योगों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधा और बेहतर संपर्क मिलेगा।

क्यों हुआ बिरधवाल का चयन?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार श्रीगंगानगर के बिरधवाल का चयन इसकी रणनीतिक स्थिति और उत्तर-पश्चिम राजस्थान में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए किया गया है। यह टर्मिनल विशेष रूप से सीमेंट उद्योग के लिए बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि कच्चे माल और तैयार उत्पादों का परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती हो सकेगा।

सीमेंट उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना का उद्देश्य देशभर में उद्योगों को आधुनिक और सस्ती रेल लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बिरधवाल कार्गो टर्मिनल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके शुरू होने से सीमेंट उद्योग को माल परिवहन में लगने वाला समय कम होगा, जिससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला दोनों अधिक प्रभावी बन सकेंगी।

रेलवे का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क मिलने से केवल सीमेंट उद्योग ही नहीं, बल्कि अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी अपनी लॉजिस्टिक्स जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी। इससे उद्योगों की परिचालन लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

यह वीडियो भी देखें :

पश्चिमी राजस्थान बनेगा नया लॉजिस्टिक्स गेटवे

विशेषज्ञों का कहना है कि बिरधवाल कार्गो टर्मिनल के विकसित होने के बाद उत्तर-पश्चिम राजस्थान औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बन सकता है। आधुनिक माल परिवहन सुविधाएं मिलने से नए उद्योगों की स्थापना को भी प्रोत्साहन मिलेगा। रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

यह परियोजना प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत विकसित किए जा रहे उन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा कार्यों में शामिल है, जिनका उद्देश्य देश में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बिरधवाल का यह विश्वस्तरीय कार्गो टर्मिनल पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।