
Sri Ganganagar: Workers at a village site under the 'Viksit Bharat GRG Ramji' scheme
श्रीगंगानगर.राज्य सरकार ने एक जुलाई से महात्मा गांधी नरेगा योजना को 'विकसित भारत जी राम जी योजना' के रूप में लागू करते हुए ग्रामीण परिवारों को 100 के बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी देने का दावा किया। श्रीगंगानगर जिले में दो जुलाई को ग्राम पंचायत चूनावढ़ से जिला स्तरीय सम्मेलन के साथ नई योजना की शुरुआत भी कर दी गई लेकिन घोषणा के कुछ ही दिन बाद जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है। जिले की बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में काम शुरू ही नहीं हो पाया है और मजदूर रोजगार की आस लगाए बैठे हैं।मनरेगा के ऑनलाइन पोर्टल के अनुसार जिले की 344 ग्राम पंचायतों में से केवल 194 पंचायतों में ही कार्य संचालित हैं। यानी करीब 150 ग्राम पंचायतों में काम नहीं चल रहा, जबकि जिला परिषद की समीक्षा में 144 ग्राम पंचायतों में श्रम नियोजन नहीं होने का उल्लेख किया गया है। आंकड़ों में अंतर अपनी जगह है, लेकिन दोनों ही स्थिति यह बताती है कि जिले का बड़ा हिस्सा अभी भी रोजगार से वंचित है। प्रदेश स्तर पर भी हालात पूरी तरह संतोषजनक नहीं हैं। राजस्थान की 11,308 ग्राम पंचायतों में से 9,396 पंचायतों में ही कार्य संचालित हैं।
योजना का उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना है,लेकिन सवाल यह है कि जब रोजगार गारंटी 125 दिन कर दी गई तो क्या इसके अनुरूप कार्यों की तैयारी पहले से नहीं की गई? यदि नहीं,तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? जिन पंचायतों में एक भी मस्टररोल जारी नहीं हुआ, वहां जरूरतमंद परिवार आखिर रोजगार के लिए कहां जाएं? जिले में फिलहाल 2,900 श्रमिकों के नियोजन की संभावना दर्शाई गई है, जबकि 747 कार्यस्थलों पर मस्टररोल जारी हुए हैं।
जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक श्रम नियोजन शुरू नहीं हुआ है,वहां तत्काल मस्टर रोल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विकास अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम पंचायत में आवश्यक रूप से जी राम जी योजना में कार्य प्रारंभ कर अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार इस पैरामीटर की गंभीरता से मॉनिटरिंग कर रही है।
-गिरधर,मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद श्रीगंगानगर
Updated on:
07 Jul 2026 01:14 pm
Published on:
07 Jul 2026 01:11 pm
