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Rajasthan : पुणे फायरिंग केस का श्रीगंगानगर से जुड़ा कनेक्शन, महाराष्ट्र पुलिस कर रही जांच, लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर शक

Rajasthan Crime : महाराष्ट्र के पुणे में फर्नीचर मॉल पर हुई सनसनीखेज फायरिंग की जांच अब श्रीगंगानगर तक पहुंच गई है। इसमें शामिल 2 संदिग्ध शूटरों की तलाश में महाराष्ट्र पुलिस श्रीगंगानगर पहुंची है।
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Pune firing case connection Maharashtra Police reached Sri ganganagar

Sri ganganagar Crime : थाने के बाहर पुलिस टीम। फोटो पत्रिका

Rajasthan Crime : महाराष्ट्र के पुणे में करीब डेढ़ माह पहले फर्नीचर मॉल पर हुई सनसनीखेज फायरिंग की जांच अब श्रीगंगानगर तक पहुंच गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में शामिल 2 संदिग्ध शूटरों की तलाश में महाराष्ट्र पुलिस की टीम श्रीगंगानगर में पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जांच में ऐसे इनपुट मिले हैं कि वारदात से पहले दोनों संदिग्ध कुछ समय के लिए श्रीगंगानगर में ठहरे थे। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गैंग के पुराने शूटरों के केंद्रीय कारागृह श्रीगंगानगर में बंद होने के कारण जांच अधिकारियों ने वहां पहुंचकर भी फीडबैक जुटाने का प्रयास किया। हालांकि श्रीगंगानगर पुलिस ने इसे रूटीन की चैकिंग बताया है।

केन्द्रीय कारागृह में में औचक जांच श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरीशंकर की अगुवाई हुई लेकिन वहां संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी नहीं मिली। पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने बताया कि पुणे पुलिस की जांच टीम श्रीगंगानगर आई हुई है। इस जांच में टीम को इनपुट मिले कि शूटरों ने श्रीगंगानगर में रूके थे। इस संबंध जांच हो रही है। अब तक यह पहलू सामने नहीं आया कि श्रीगंगानगर कहां रूके थे। एसपी हरीशंकर ने बताया कि वारदात करने वाली गैंग के जिन शूटरों के बारे में तलाश की जा रही है, वे मूलतः हरियाणा के हैं।

तब फायरिंग कर मचाई थी दहशत

16 मई को पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र स्थित एजे फर्नीचर मॉल पर बाइक सवार दो बदमाशों ने पांच से छह राउंड फायरिंग की थी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मॉल के कांच और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दोनों हमलावर फायरिंग करते हुए दिखाई दिए है। पुलिस फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके मूवमेंट की जांच कर रही है। इसी जांच के दौरान श्रीगंगानगर कनेक्शन सामने आने पर यहां भी पड़ताल तेज कर दी गई है।

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा

फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें हमले की जिम्मेदारी कथिततौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से ली गई। पोस्ट में दावा किया गया कि कारोबारी को पहले फोन कर चेतावनी दी गई थी और यह फायरिंग केवल "ट्रेलर" है। साथ ही अगली बार सीधे जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पोस्ट में एक अन्य कारोबारी का नाम लेकर भी धमकी दी गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोस्ट वास्तव में गैंग से जुड़ी है या किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर दहशत फैलाने का प्रयास किया है।

स्टील कारोबारी से रंगदारी मांगने का भी मामला

इसी दौरान पुणे के फुरसुंगी (मंतरवाड़ी) क्षेत्र में स्थित एक स्टील कारोबारी के कार्यालय और गोदाम पर भी फायरिंग की घटना हुई थी। कारोबारी ने आरोप लगाया था कि उसे एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। कॉल करने वाले ने खुद को कथिततौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया था। शिकायत दर्ज कराने के दौरान ही उसके कार्यालय पर फायरिंग कर दी गई थी। इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सोशल मीडिया पर किया गया था।