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Tripura DGP Anurag Dhankar Dies: त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में DGP अनुराग धनखड़ की मौत, सुरक्षा तंत्र में मचा हड़कंप

Anurag Dhankar Found Dead: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मिलने से पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है। शुरुआती जानकारी सीमित है, लेकिन घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
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Tripura DGP Anurag Dhankar Dies

Tripura DGP Anurag Dhankar Dies : अगरतला पुलिस मुख्यालय में DGP का शव मिलने से मची सनसनी, जांच के बाद ही साफ होगी मौत की वजह (फोटो सोर्स:@policemedianews)

Tripura DGP Anurag Dhankar Found Dead: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। शुरुआती जांच में सर्विस पिस्टल से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसके पीछे की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की हर कड़ी खंगाली जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय में अफरा-तफरी मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल उन्हें अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (जीबी) अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।

2025 में संभाली थी त्रिपुरा पुलिस की कमान

अनुराग धनखड़ ने वर्ष 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभाला था। अपने प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के कारण उन्हें एक सक्षम पुलिस अधिकारी माना जाता था। उनकी अचानक हुई मौत ने न केवल त्रिपुरा बल्कि देशभर के पुलिस अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया है।

यूपी के बागपत से निकलकर आईपीएस तक का सफर

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़े कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। त्रिपुरा में डीजीपी बनने के बाद भी उन्होंने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई पहल की थीं।

सर्विस पिस्टल से गोली चलने की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना में उनकी सरकारी पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है। हालांकि पुलिस ने अभी तक फॉरेंसिक जांच पूरी नहीं की है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, हथियार की जांच और अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय डीजीपी कार्यालय में कौन-कौन मौजूद था, आखिरी बार उन्होंने किससे बातचीत की थी और क्या कोई ऐसा घटनाक्रम हुआ था जो इस मामले से जुड़ा हो सकता है।

डीजीपी जैसे सर्वोच्च पुलिस पद पर बैठे अधिकारी की अचानक हुई मौत ने पूरे पुलिस तंत्र को झकझोर दिया है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि यह आत्महत्या है, तो इसके पीछे की वजह क्या थी। इसका जवाब अब जांच एजेंसियों की विस्तृत पड़ताल और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगा।