Kerala Portfolio Allocation 2026: मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह सहित 35 विभागों का प्रभार अपने पास रखा है।
Chief Minister VD Satheesan Cabinet Ministers: केरल सरकार ने बुधवार को नए मंत्रिमंडल में विभागों के आवंटन की घोषणा कर दी है। केरल लोक भवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह सहित 35 विभागों का प्रभार अपने पास रखा है। मुख्यमंत्री कई प्रमुख प्रशासनिक और नीति संबंधी विभागों की देखरेख भी करेंगे, जिससे मुख्यमंत्री कार्यालय के भीतर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की शक्तियां समेकित हो जाएंगी।
केरल लोक भवन ने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को गृह और सतर्कता जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे नए मंत्रिमंडल में तीन अन्य विभागों का भी कार्यभार संभालेंगे।
सनी जोसेफ को बिजली, पर्यावरण, संसदीय मामले और ANERT विभाग मिले हैं। के. मुरलीधरन को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा विश्वविद्यालय, आयुष, औषधि नियंत्रण और देवास्वम विभाग मिले हैं। ए.पी. अनिलकुमार को भू-राजस्व, सर्वेक्षण और भूमि अभिलेख, तथा भूमि सुधार विभाग मिले हैं।
केरल लोक भवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पी के कुन्हालीकुट्टी उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, खनन एवं भूविज्ञान और हथकरघा एवं वस्त्र विभाग की देखरेख करेंगे।
रेवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के विधायक शिबू बेबी जॉन को वन एवं वन्यजीव संरक्षण और कौशल विकास विभाग दिया गया है। वहीं, केरल कांग्रेस (जोसेफ) के विधायक मोन जोसेफ सिंचाई, भूजल, जल आपूर्ति, स्वच्छता एवं आवास विभागों के प्रमुख होंगे।
वी.डी. सतीशान — वित्त, विधि, सामान्य प्रशासन, बंदरगाह और 31 अन्य विभाग
रमेश चेन्निथला — गृह, सतर्कता और तीन अन्य विभाग
शम्सुद्दीन - सामान्य शिक्षा
रोजी एम जॉन — उच्च शिक्षा
एपी अनिल कुमार — भूमि एवं राजस्व
पीके कुन्हालीकुट्टी — उद्योग, आईटी, वस्त्र और चार अन्य विभाग
विभाग बंटवारे से पहले सतीशन कैबिनेट की बैठक हुई। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम सतीशन ने कहा कि उनके और यूडीएफ द्वारा अपनाए गये धर्मनिरपेक्ष रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। यह एक बेहद मजबूत धर्मनिरपेक्ष रुख है। उन्होंने कहा कि जो भी सांप्रदायिकता की भाषा बोलेगा, उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।