
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (फाइल फोटो : IANS)
रूस-यूक्रेन युद्ध अब पांचवें साल में प्रवेश करने जा रहा है, लेकिन अब शांति की उम्मीद जग रही है। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गुस त्साहकना ने कहा है कि भारत इस युद्ध को खत्म करने में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अगर रूस पर और ज्यादा दबाव डाले तो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपना रुख बदल सकते हैं और यूरोप में स्थायी शांति आ सकती है।
एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने एएनआई से खास बातचीत में साफ कहा- हम यूरोप में शांति चाहते हैं, लेकिन रूस अभी अपने लक्ष्य बदलने को तैयार नहीं है। भारत बहुत बड़ा रोल प्ले कर रहा है। अगर भारत रूस पर और दबाव बनाए तो उम्मीद है कि पुतिन अपना रास्ता बदलेंगे।
विदेश मंत्री ने ये भी माना कि रूस अभी पूरी तरह तैयार नहीं, लेकिन भारत जैसे देशों का प्रभाव काम कर सकता है। इस बयान से भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक ताकत का पता चलता है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में विजय दिवस परेड के बाद कहा कि यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों के ग्लोबलिस्ट तत्वों ने यूक्रेन को हथियार बनाकर रूस के खिलाफ लड़ाई छेड़ी।
पुतिन ने 2022 के इस्तांबुल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन शुरू में मान गया था, लेकिन ब्रिटेन और फ्रांस के दबाव में पीछे हट गया।
उन्होंने कहा- वे यूक्रेन के हाथों से हम पर युद्ध थोप रहे हैं। पुतिन का मानना है कि यूरोप में राजनीतिक बदलाव के साथ यह लड़ाई खत्म हो जाएगी।
एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने भारत के साथ संबंधों की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं। हाल ही में एस्टोनिया के राष्ट्रपति भारत आए और प्रधानमंत्री मोदी व राष्ट्रपति से मिले। एआई सम्मेलन में भी उनकी मुलाकात हुई।
बता दें कि यूक्रेन युद्ध 2022 में शुरू हुआ था और अब 2026 में भी जारी है। एस्टोनिया जैसे छोटे यूरोपीय देश भी इस युद्ध के चलते रूस के गुस्से को झेल रहे हैं।
Published on:
20 May 2026 05:08 pm
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