
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन। (फोटो- IANS)
North Korea With Russia: उत्तर कोरिया ने साल 2024 से अब तक यूक्रेन से लड़ने के लिए रूस को लगभग 15,000 लड़ाकू सैनिक और पारंपरिक हथियार भेजे हैं।
कुछ ही दिनों पहले सियोल की जासूसी एजेंसी ने साफ कहा था कि इस लंबे युद्ध में लगभग 6,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों के मारे जाने या घायल होने का अनुमान है।
अब उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस के साथ लड़ते हुए मारे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों के सम्मान में एक स्मारक खोला है।
सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि इसके उद्घाटन समारोह में नेता किम जोंग-उन ने प्योंगयांग-मॉस्को संबंधों को एक 'मजबूत गढ़' में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पिछले दिन प्योंगयांग में 'विदेशी सैन्य अभियानों में युद्ध कौशल के स्मारक संग्रहालय' का उद्घाटन समारोह आयोजित किया। यह अवसर यूक्रेन की सेनाओं से कुर्स्क क्षेत्र की 'मुक्ति' की पहली वर्षगांठ पर था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समारोह 26 अप्रैल, 2025 को यूक्रेन से अग्रिम पंक्ति के कुर्स्क क्षेत्र पर रूस के फिर से कब्ज़ा करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इसमें उत्तर कोरिया और रूस के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें रूस के संसदीय अध्यक्ष और रक्षा मंत्री भी शामिल थे।
समारोह में दिए गए एक भाषण में, किम ने कहा कि यह स्मारक संग्रहालय उत्तर कोरिया और रूस के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके संबंध 'खून' से बने हैं।
किम ने आगे कहा- युद्ध के नियम चाहे कैसे भी बदलें, जब भी और जहां भी कोई संकट आता है, हमें एकजुट शक्ति के साथ एक ईमानदार, समर्पित और शक्तिशाली गढ़ के रूप में मजबूत होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि कुर्स्क को मुक्त कराने के अभियानों का एक 'रणनीतिक' महत्व था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर कोरिया और रूस ने शांति व संप्रभुता की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते हुए फासीवाद के पुनरुत्थान को रोका है।
किम ने यह भी कहा कि रूस और उत्तर कोरिया ने वर्चस्ववादी ताकतों की युद्ध की महत्वाकांक्षाओं को कुचल दिया है। उत्तर कोरिया और रूस के रिश्ते पिछले कुछ समय में तेजी से मजबूत हुए हैं।
जून 2024 में प्योंगयांग में किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और बढ़ गया है।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के अनुसार, रूस के रक्षा प्रमुख ने किम जोंग उन को एक पत्र दिया, जिसमें पुतिन ने कहा कि बनने वाला स्मारक दोनों देशों की गहरी दोस्ती का प्रतीक होगा। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि रूस और उत्तर कोरिया आगे भी अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करते रहेंगे।
रविवार को किम जोंग उन ने रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और रूस की संसद (ड्यूमा) के स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोडिन से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
किम जोंग उन ने साफ कहा कि उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए रूस के हर कदम का समर्थन करेगा।
वहीं, रूसी रक्षा मंत्री ने बताया कि रूस 2027 से 2031 तक के लिए उत्तर कोरिया के साथ एक नई सैन्य सहयोग योजना पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है।
Updated on:
27 Apr 2026 10:25 am
Published on:
27 Apr 2026 10:25 am
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