
यूक्रेन के सैनिक मैदान छोड़कर भाग रहे हैं। (PC: AI)
Russia Ukraine War Update: रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन को भी बड़ा नुकसान हुआ है। यूक्रेन के सैनिक अब युद्ध लड़ने को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि वह बिना किसी से कुछ कहे जंग का मैदान छोड़ रहे हैं। यूक्रेन के नए रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव (Defense Minister Mykhailo Fedorov) ने स्वीकार किया है कि बड़े पैमाने पर सैनिक बिना बताए गायब हो गए हैं। करीब 200,000 सैनिक बिना आधिकारिक छुट्टी के (AWOL) के जंग का मैदान छोड़कर भाग गए हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मिखाइलो फेडोरोव ने यूक्रेन की संसद को बताया कि करीब 200,000 सैनिक बिना इजाजत के युद्ध का मैदान छोड़ गए हैं। जबकि 20 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें यूक्रेनी सैन्य सेवा से बचने के लिए वांटेड लिस्ट में डाला गया है। यूक्रेनी सेना कई सालों से दबाव में है क्योंकि वह एक बहुत बड़े और ताकतवर दुश्मन का सामना कर रही है। फ्रंटलाइन पर हालात बहुत खराब रहे हैं। सैनिक महत्वपूर्ण जगहों पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह संख्या और हथियारों के मामले में खुद को कम पाते हैं।
यूक्रेन की सेना के गिरते मनोबल की बातें पिछले काफी समय से कही जा रही हैं, लेकिन सरकार और सेना इसे स्वीकार नहीं कर रही थी। अब यूक्रेन के नए रक्षा मंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि सैनिक युद्ध नहीं लड़ना चाहते। इसलिए वह बिना किसी को कुछ बताए मैदान से भाग रहे हैं। यूक्रेन के कानून के तहत, 18 से 60 साल की उम्र के सभी पुरुषों को सेना में रजिस्टर करना जरूरी है और उनके पास हमेशा अपने दस्तावेज़ होने चाहिए। हालांकि केवल 25 से 60 साल की उम्र के लोगों को ही सेना में शामिल किया जा सकता है। यूक्रेन का मार्शल लॉ 23 से 60 साल की उम्र के सभी पुरुषों को, जो सैन्य सेवा के लिए योग्य हैं, देश छोड़ने से रोकता है, लेकिन हज़ारों लोग अवैध रूप से देश छोड़कर भाग गए हैं।
नए रक्षा मंत्री फेडोरोव से मिलने के बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि देश की सेना में भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलावों की ज़रूरत है। फेडोरोव यूक्रेन के रक्षा मंत्री के रूप में काम करने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। वह अगले सप्ताह 35 साल के हो जाएंगे। उन्होंने डेनिस श्मिहाल की जगह ली, जो बाद में यूक्रेन के पहले उप प्रधान मंत्री और ऊर्जा मंत्री बने। मिखाइलो फेडोरोव सेना में टेक्नॉलजी के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि यूक्रेन की मैनपावर की समस्याओं ने टेक्नोलॉजिकल तरक्की को और भी अधिक ज़रूरी बना दिया है। ज्यादा रोबोट का मतलब है कम नुकसान। यदि हम टेक्नोलॉजी का अधिक इस्तेमाल करते हैं, तो मौतों के आंकड़े को कम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी 500 यूक्रेनी कंपनियां ड्रोन बना रही हैं, 200 कंपनियां जैमिंग इक्विपमेंट बना रही हैं और 20 से ज़्यादा प्राइवेट मिसाइल बनाने के काम में जुटी हैं।
Updated on:
15 Jan 2026 10:02 am
Published on:
15 Jan 2026 07:44 am
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