
Donald Trump (Photo - Washington Post)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा और सनसनीखेज ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड पर संयुक्त राज्य अमेरिका का नियंत्रण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और इससे कम कुछ भी स्वीकार नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथों में होने से नाटो गठबंधन कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी बन जाएगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य से ग्रीनलैंड चाहिए। यह हम जिस 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं, उसके लिए महत्वपूर्ण है। नाटो को हमें इसे हासिल करने का नेतृत्व करना चाहिए। अगर हम नहीं करते, तो रूस या चीन कर लेंगे—और ऐसा होने नहीं देंगे! नाटो ग्रीनलैंड के अमेरिका के हाथों में होने से कहीं अधिक दुर्जेय और प्रभावी बन जाता है। इससे कम कुछ भी अस्वीकार्य है!'
यह बयान ऐसे समय आया है जब डेनमार्क और ग्रीनलैंड के वरिष्ठ राजनयिक वाशिंगटन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात करने वाले थे। ट्रंप का यह ऐलान वेनेजुएला पर हालिया अमेरिकी कार्रवाई के बाद आया है, जहां 3 जनवरी को हमले के जरिए वहां के राष्ट्रपति को हटा दिया गया था। इस सफलता से ट्रंप और अधिक आक्रामक रुख अपनाते दिख रहे हैं।
ग्रीनलैंड आर्कटिक क्षेत्र में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जो डेनमार्क का स्वशासी क्षेत्र है। इसकी आबादी महज 57,000 के आसपास है, लेकिन इसकी सामरिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रंप इसे रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव से बचाने के नाम पर अमेरिकी नियंत्रण में लाना चाहते हैं। उन्होंने पहले भी 2019 में इसे खरीदने का प्रस्ताव रखा था, जिसे डेनमार्क ने ठुकरा दिया था। अब ट्रंप ने साफ कहा है कि वे इसे आसान तरीके से या कठिन तरीके से हासिल करेंगे।
ग्रीनलैंड और डेनमार्क की सरकार ने ट्रंप के दबाव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा है कि ग्रीनलैंड बिकने के लिए नहीं है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा कि अगर उन्हें अमेरिका या डेनमार्क में से चुनना पड़े, तो वे डेनमार्क को चुनेंगे। डेनमार्क ने भी नाटो के जरिए क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने की बात कही है और कहा है कि 1951 के समझौते से अमेरिका को पहले से ही वहां सैन्य अड्डे बनाने की अनुमति है।
Published on:
14 Jan 2026 09:01 pm
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