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केरल के सीएम वी. डी. सतीशन ने साधा पिछली एलडीएफ सरकार पर निशाना, घोषणापत्र के वादों को पूरा करने में देरी करने का लगाया आरोप

केरल के सीएम वी. डी. सतीशन ने विधानसभा की कार्रवाई के दौरान पिछली एलडीएफ सरकार पर जमकर निशाना साधा। क्या कहा सतीशन ने? आइए जानते हैं।
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Updated: 29 Jun 2026, 1:41 PM IST
V. D. Satheesan
वी. डी. सतीशन (File Photo)

केरल (Kerala) विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आज मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन (V. D. Satheesan) ने पिछली एलडीएफ - लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF - Left Democratic Front) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अपने घोषणापत्र के वादों को लागू करने में कार्यकाल के अंत तक देरी की और चुनावों से ठीक पहले बिना सही योजना के कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। सतीशन ने अपनी सरकार के काम करने के तरीके की तुलना एलडीएफ सरकार से करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही अपने चुनावी वादों को लागू करना शुरू कर दिया, जबकि पिछली सरकार ने ऐसा नहीं किया था।

घोषणापत्र का नहीं किया सम्मान

सतीशन ने कहा कि पिछली सरकार ने 120 महीनों तक सत्ता में रहने के बावजूद घोषणापत्र के वादे अपने 120वें महीने में पूरे करने शुरू किए। सीएम ने सवाल उठाए कि क्या घोषणापत्र के वादे सरकार के सत्ता में आने पर पूरे किए जाने चाहिए या जब वो सत्ता छोड़ने वाली हो तब? उन्होंने एलडीएफ पर घोषणापत्र का सम्मान नहीं करने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस सरकार ने किया वादा पूरा

सतीशन ने कहा कि कांग्रेस/यूडीएफ सरकार ने KSRTC में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू करके अपने घोषणापत्र का पहला वादा पूरा कर दिया। उन्होंने महिलाओं और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए अपनी सरकार के फैसलों का भी ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने तमाम दावों के बावजूद महिलाओं के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया था। पिछली सरकार के समय ASHA वर्कर्स के विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए सतीशन ने कहा, "पिछली सरकार के दौरान ASHA वर्कर्स ने कई दिनों तक सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें बार-बार आलोचना का सामना करना पड़ा। सत्ता में आने के बाद हमने उनका मानदेय 3,000 रूपए बढ़ा दिया। हम महिलाओं के साथ खड़े हैं, लेकिन एलडीएफ महिलाओं के साथ नहीं खड़ा था। एलडीएफ की सरकार ने महिलाओं के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया था।"

पुरानी सरकार का काम कांग्रेस सरकार कर रही है

उन्होंने महिला सुरक्षा योजना को लागू करने पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसे चुनावों से ठीक पहले बिना किसी सही संस्थागत व्यवस्था के जल्दबाजी में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा, "पुरानी सरकार ने वेतन संशोधन आयोग की घोषणा तब की जब उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था। उन्होंने सालों तक डीए और डीआर रोके रखे। अब हमारी सरकार को वो सब करना पड़ रहा है जो पुरानी सरकार नहीं कर पाई। पेंशन फंड पर 17,000 करोड़ रुपये का बोझ है और यह बोझ मौजूदा सरकार को विरासत में मिला है। महिला सुरक्षा योजना को ठीक से लागू नहीं किया गया था। फरवरी और मार्च के लिए आर्थिक मदद उसी दिन जारी की गई जिस दिन आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी। इस योजना के लिए कोई उचित समिति नहीं बनाई गई थी। मेरे निर्वाचन क्षेत्र में एक भी समिति ने काम नहीं किया। शायद आपकी स्थानीय और क्षेत्रीय समितियों ने लाभार्थियों की सूची तैयार की थी। हम योजना की अच्छी तरह से समीक्षा करेंगे, कमियों को दूर करेंगे और फिर कोई फैसला लेंगे।"

Updated on:
29 Jun 2026, 1:41 PM IST
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