
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ (फ़ाइल फ़ोटो)
Himanshu Bhau Arrest: अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने भारत में हत्या, जबरन वसूली, गोलीबारी और संगठित अपराध के मामलों में वांटेड गैंगस्टरों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है। पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में बर्गर किंग गोलीकांड का मास्टरमाइंड हिमांशु भाऊ और बंबीहा गैंग से जुड़ा कुख्यात गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया, दोनों को अमेरिका में FBI द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। इन दोनों को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
18 जून 2024 को दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हरियाणा के झज्जर का रहने वाले अमन जून की गोली मारकर उस वक्त हत्या कर दी गई, जब वो वहां एक महिला के साथ बैठा था। पुलिस जांच और CCTV फुटेज के अनुसार, तीन हमलावर मोटरसाइकिल पर आए। उनमें से दो रेस्टोरेंट के अंदर गए और अमन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जबकि तीसरा बाहर निगरानी कर रहा था।
गोलियों की आवाज से रेस्टोरेंट के अंदर अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए अमन काउंटर की तरफ भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और लगातार गोलियां चलाते रहे। लगभग 40 राउंड फायरिंग के बाद, अमन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बर्गर किंग फायरिंग की जांच से पता चला कि यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। जांच में रोहतक की रहने वाली अनु धनखड़ की भूमिका सामने आई, उसने सोशल मीडिया के जरिए अमन जून के साथ करीबी रिश्ते बनाए और उसे मिलने के बहाने बर्गर किंग आउटलेट पर बुला लिया।
अनु धनखड़ का काम यह पक्का करना था कि अमन उसी जगह पर रहे और साथ ही वह हमलावरों को उसकी सटीक लोकेशन भेजती रही। जैसे ही गोलीबारी शुरू हुई वह मौके से फरार हो गई। कई महीनों की तलाश के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्टूबर 2024 में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भारत-नेपाल सीमा के पास से अनु धनखड़ को गिरफ्तार कर लिया।
घटना के कुछ ही घंटों के भीतर हिमांशु भाऊ से जुड़े एक सोशल मीडिया हैंडल ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में दावा किया गया कि यह हत्या उनके साथी शक्ति दादा की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। जांच एजेंसियों को पता चला कि हिमांशु भाऊ पहले पुर्तगाल और बाद में अमेरिका से अपना नेटवर्क चला रहा था। वो वहीं से भारत में अपने गुर्गों को टारगेट और हथियार उपलब्ध कराने के लिए वर्चुअल फोन नंबरों और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था।
इस गिरोह पर शिकंजा कसते हुए, दिल्ली पुलिस ने लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बर्गर किंग की घटना में शामिल शूटर जुलाई 2024 में हरियाणा के खरखौदा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।
हरियाणा के रोहतक जिले के रितोली गांव का रहने वाला हिमांशु भाऊ किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में आ गया था। उसके आपराधिक जीवन में एक बड़ा मोड़ अक्टूबर 2020 में आया, जब वह हिसार के एक बाल सुधार गृह से कुछ अन्य कैदियों के साथ भागने में कामयाब रहा। इसके बाद 2022 में वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर देश से भाग गया। बंबीहा और नीरज बवाना गैंग के साथ करीबी संबंध होने के कारण, उसकी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से थी, जिसके चलते दिल्ली-NCR क्षेत्र में कई हिंसक घटनाएं हुईं। अगस्त 2023 में इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, वह विदेश से ही जबरन वसूली और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देता रहा।
अलग-अलग पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरज फरीदपुरिया बदनाम बंबीहा गैंग का मेंबर है। अभी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में उस पर कई गंभीर अपराधों के लिए जांच चल रही है, जिसमें एक्सटॉर्शन, मर्डर की कोशिश, हथियारों की तस्करी और क्रिमिनल साजिश शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नीरज फरीदपुरिया विदेश में रहने के दौरान कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थानीय निगरानी में था, लेकिन वह कथित तौर पर अपना इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनिटरिंग ब्रेसलेट हटाकर फरार हो गया था। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं।
Updated on:
24 Oct 2026, 8:07 AM IST
Published on:
24 Oct 2026, 8:03 AM IST
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