Kerala Elections: कांग्रेस को केरल व असम के विधानसभा चुनाव से खासी उम्मीद है। यही वजह है कि चुनाव से करीब एक साल पहले ही कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है।
Kerala Elections: कांग्रेस को हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार मिली है। दिल्ली चुनाव 2025 में कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। अब पार्टी ने अगले साल असम और केरल में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसके तहत कांग्रेस ने दोनों राज्यों के नेताओं के साथ पिछले दो दिनों में अलग-अलग लंबी बैठकें की।
दोनों राज्यों में कांग्रेस ने मतदाता सूचियों पर निगाह रख कर मतदाताओं के नाम कटने और जुड़ने पर ध्यान देने की रणनीति बनाई गई। इसके अलावा केरल में माकपानीत एलडीएफ सरकार और असम की बीजेपी सरकार को घेरने के लिए भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने पर चर्चा की गई।
दरअसल, कांग्रेस को केरल व असम के विधानसभा चुनाव से खासी उम्मीद है। यही वजह है कि चुनाव से करीब एक साल पहले ही कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को केरल को लेकर हुई बैठक में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केरल में बदलाव अपरिहार्य है। कांग्रेस के अगुवाई वाले यूडीएफ को सत्ता में लाने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल समेत सांसद शशि थरूर समेत प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस अपने नेतृत्व वाले युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के सहयोगियों के साथ अगले कुछ महीनों में ही सीट बंटवारे पर भी चर्चा करेगी। बैठक में मतदाता सूचियों पर नजर के लिए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने असम और केरल में नेताओं को गुटबाजी से दूर अनुशासित रहकर पार्टी को मजबूत करने की सलाह दी है। साथ ही चुनाव में किसी एक नेता को चेहरा बनाने की बजाय सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया गया।
कांग्रेस आलाकमान ने साफ कहा है कि चुनाव जीतना है तो स्थानीय सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाना होगा। इन पर आंदोलन कर जनता को जोड़ना भी जरूरी है। खासतौर पर असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
असम में कांग्रेस पिछले चुनाव की तरह अगले विधानसभा चुनाव में भी बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन नहीं करेगी।