
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केरल में अपनी ही सरकार से बड़ी अपील कर दी है। उन्होंने सोमवार को साफ कहा कि केरल सरकार को कम अल्कोहल वाली शराब पर टैक्स घटाने और तटीय इलाकों में रेयर अर्थ माइनिंग के प्रस्ताव को लेकर उठी चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
वेणुगोपाल ने कहा कि नई यूडीएफ सरकार को जनता की मूल समस्याओं पर ध्यान होगा। साथ ही उन्होंने केरल सरकार के लिए अपनी बात रखी. वेणुगोपाल ने कहा कि अभी केरल में नई सरकार कुछ ही दिनों पहले बानी है, ऐसे में उन्हें काम करने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन जनता की शिकायतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वेणुगोपाल ने आगे कहा कि सरकार अभी हाल में ही सत्ता में आई है। ऐसे में उसे कुछ समय तो देना ही चाहिए। लेकिन साथ ही जो फैसले विवादास्पद बन रहे हैं, उन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
केसी वेणुगोपाल ने जोर देकर कहा कि अगर किसी को सरकार के फैसलों पर आपत्ति है तो वह मुद्दे पार्टी के अंदर ही चर्चा किए जाएंगे। उन्होंने किसी भी तरह की बाहरी आलोचना या विरोध को पार्टी स्तर पर सुलझाने की बात कही।
केरल सरकार के हालिया फैसले में कम अल्कोहल वाली बीयर और अन्य पेय पदार्थों पर टैक्स घटाने का प्रस्ताव है। इस कदम से शराब सस्ती हो सकती है, जिसको लेकर कई संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता चिंता जता रहे हैं।
विशेषकर युवाओं और महिलाओं में शराब की खपत बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। केरल में पहले से ही शराब से जुड़ी सामाजिक समस्याएं काफी चर्चा में रहती हैं। ऐसे में टैक्स घटाने का फैसला कई लोगों को सही नहीं लग रहा।
वेणुगोपाल ने इन चिंताओं को जायज बताया और सरकार से अपील की कि वह इस मुद्दे पर सभी पक्षों से बात कर कोई संतुलित रास्ता निकाले।
दूसरा बड़ा मुद्दा तटीय क्षेत्रों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स के खनन का है। केरल के समुद्री किनारे इलाकों में इन खनिजों की काफी संभावना बताई जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों में पर्यावरण को नुकसान पहुंचने, मछली पालन प्रभावित होने और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर गहरी चिंता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेयर अर्थ माइनिंग से मिट्टी, पानी और समुद्री जीवन पर असर पड़ सकता है। कई पर्यावरण संगठन पहले ही इस प्रस्ताव का विरोध कर चुके हैं। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को इन चिंताओं को बिना किसी पक्षपात के देखना चाहिए और स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि विपक्ष या अन्य दलों को नई सरकार पर तुरंत हमला बोलने के बजाय उसे काम दिखाने का मौका देना चाहिए।
उन्होंने कहा- कभी-कभी फैसले लेने में समय लगता है। गलतियों से सीखते हुए आगे बढ़ना पड़ता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस पार्टी के अंदर ही इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी और पार्टी की आधिकारिक लाइन तय की जाएगी।