
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक किशोर की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 17 वर्षीय अभिराम के रूप में हुई है। रविवार को घर से लापता हुए अभिराम का शव पुलिस ने पंगपारा स्थित एक खाली प्लॉट में बोरे के अंदर बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
मामले में जानकारी देते हुए पुलिश आयुक्त अरुल आरबी कृष्णा ने बताया कि मामले में एक किशोर और उम्मर नाम के व्यक्ति की भूमिका शुरुआती जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपराध को अंजाम देने की बात कबूल की है। उम्मर का नाम पुलिस की गुंडा सूची में भी शामिल बताया गया है। वहीं, नाबालिग लड़की की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में किशोर की हत्या के पीछे लड़की से दोस्ती को लेकर विवाद होने की आशंका जताई गई है। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने लड़की के इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल कर अभिराम को मिलने के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, वहां बेल्ट से गला घोंटकर उसकी हत्या की गई और शव को बोरे में भरकर पंगपारा के खाली प्लॉट में फेंक दिया गया।
वहीं पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि नाबालिग आरोपी की लड़की से नजदीकी थी और अभिराम के साथ उसकी बातचीत को लेकर दोनों लड़कों के बीच विवाद हुआ था या नहीं।
बता दें कि अभिराम रविवार दोपहर करीब तीन बजे घर से यह कहकर निकला था कि पंगपारा में दोस्तों से मिलने जा रहा है। परिजनों के मुताबिक, घर से निकलने से ठीक पहले उसे किसी का फोन आया था।
बाद में अभिराम ने अपने पिता को फोन कर जल्द घर लौटने की बात कही थी। हालांकि, शाम तक उसके वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
कई बार फोन करने के बाद भी परिजनों का उससे संपर्क नहीं हो पाया। क्योंकि उसका मोबाइल बंद आ रहा था। इसके बाद परिवार ने श्रीकार्यंम पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने छात्र के मोबाइल फोन की जानकारी, कॉल डिटेल और टावर लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। इसके साथ ही उसके दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की। वहीं पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली।
इन सुरागों के आधार पर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए पंगपारा स्थित खाली प्लॉट तक पहुंची, जहां से अभिराम का शव बरामद हुआ। परिजनों का कहना है कि घर से निकलने से पहले अभिराम सामान्य व्यवहार कर रहा था। उसमें किसी तरह की घबराहट या मानसिक परेशानी के संकेत नहीं दिखे थे।
अभिराम के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने उसे तलाशने में देरी की। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।