
मीनाक्षी शिंदे और प्रदीप पूर्णेकर। फाइल फोटो- पत्रिका
Meenakshi Shinde: ठाणे के मानपाड़ा इलाके में शिवसेना (उद्धव गुट) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। हत्या के मामले में पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति प्रदीप शिंदे पर आरोप लगाते हुए पूर्णेकर परिवार उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। इस बीच मीनाक्षी शिंदे ने खुद पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि राजनीतिक विरोधी परिवार के साथ कोई अनहोनी कर सकते हैं।
मीनाक्षी शिंदे ने पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि प्रदीप पूर्णेकर की मौत के बाद ठाणे में विपक्षी दलों के नेता इस मामले को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उनका आरोप है कि आदित्य ठाकरे, संजय राउत, विनायक राउत, अनिल परब, राजन विचारे, केदार दिघे, विक्रांत चव्हाण, अविनाश जाधव और अभिजीत पानसे सहित कई नेता इस मामले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं की बयानबाजी से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है। इससे ठाणे में शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है।
पत्र में मीनाक्षी शिंदे ने कहा कि प्रदीप पूर्णेकर का परिवार पहले से ही गहरे दुख और मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि राजनीतिक लाभ के लिए विरोधी पक्ष का कोई व्यक्ति राम पूर्णेकर और उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना करवा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के साथ हत्या के मामलों में जमानत पर बाहर आए कुछ आरोपी भी दिखाई दिए हैं।
मीनाक्षी शिंदे ने पुलिस आयुक्त से कहा कि इस पूरे मामले में राम पूर्णेकर, उनके परिवार और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने इन सभी को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। गौरतलब है कि प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में उनके परिजन लगातार मीनाक्षी शिंदे और उनके पति प्रदीप शिंदे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और दोनों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में विपक्षी नेताओं ने भी आंदोलन किया है। ऐसे में मीनाक्षी शिंदे की ओर से राम पूर्णेकर को ही पुलिस सुरक्षा देने की मांग किए जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Updated on:
3 Nov 2026, 3:35 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 3:26 PM IST
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