Farmers Protest News: शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसके बाद किसानों ने अपने ‘दिल्ली चलो मार्च’ को स्थगित कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम अपने जत्थों को वापस बुला रहे हैं।
Kisan Andolan: शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसके बाद किसानों ने अपने ‘दिल्ली चलो मार्च’ को स्थगित कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर (Sarwan Singh Pandher) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम अपने जत्थों को वापस बुला रहे हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक हमारे जत्थे ने शांतिपूर्वक दिल्ली (Delhi) की ओर मार्च करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 8 किसान घायल हो गए और उनमें से एक को चंडीगढ़ के पीजीआई (PGI) में ले जाया गया।
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सोमवार को किसान संगठन बैठक करके फिर फैसला किया जाएगा। किसानों के जत्थे को आज वापस (Farmers Protest) बुला लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से बातचीत नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कल शाम को अगले विरोध प्रदर्शन के बारे में घोषणा की जाएगी।
किसान नेता पंढेर ने कहा कि हमें रोकने के लिए पूरी तैयारी की गई। कल हम एक बड़ी बैठक करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी हुआ है उसे पूरे देश ने देखा है। सुबह पंजाब पुलिस ने मीडियो को रोक दिया। प्रशासन ने कभी फूल बरसाए, कभी लंगर लगाया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।
बता दें कि सिंधु बॉर्डर जब किसान पहुंचे तो किसानों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारे भी की। पुलिस ने दावा किया कि उनके पास किसान यूनियनों द्वारा उपलब्ध कराई गई 101 किसानों के नामों की लिस्ट है। हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों के नाम उस लिस्ट में नहीं थे। इसके बाद शंभू बॉर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
बता दें कि एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए 101 किसानों का एक समूह ने पंजाब-हरियाणा की सीमा पर शंभू बॉर्डर स्थित प्रदर्शन स्थल से रविवार को दोपहर 12 बजे के बाद दिल्ली की ओर अपना पैदल मार्च ‘दिल्ली चलो मार्च (Delhi Chalo March)' शुरू किया था।