एनडीए गठबंधन की नई सरकार को समर्थन देने के लिए चंद्रबाबू नायडू तीन सांसदों पर एक मंत्री पद मांग सकते हैं।
Nitish Kumar and Chandrababu Naidu what will bargain with BJP: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से दोनों ही गठबंधनों यानी एनडीए और इंडिया को बहुत सुकून नहीं मिल पा रहा है। एनडीए (NDA Government) की सरकार बनती तो दिख रही है लेकिन उसकी ड्राइवर बनने वाली बीजेपी (BJP) अगले पांच सालों तक दबाव में फंसी हुई महसूस करने वाली है। मुख्यतया गठबंधन में शामिल दो पार्टियां तेलगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर निर्भर करेगा कि वह नई सरकार की इंजिन को किस रफ्तार से दौड़ते हुए देखना चाहती हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि बीजेपी को 240 सीटें ही मिल पाईं और उसे बहुमत के लिए हमेशा 32 सीटों के लिए दूसरी पार्टियों पर निर्भर रहना ही पड़ेगा। इसका सिलसिला शुरू भी हो चुका है। टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrabau Naidu) ने इस बात की घोषणा कर दी है कि वो एनडीए गठबंधन में ही बने रहेंगे लेकिन उन्होंने गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के सामने कुछ शर्तें रख सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आम चुनाव में 240 सीटें ही मिल पाईं और सरकार बनाने के लिए 32 सीटों की कम से कम दरकार है। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 16 सीटें जीतने में सफलता मिली हैं। इसके बावजूद पूर्ण बहुमत के लिए और 16 सीटों की और दरकार होगी। एनडीए गठबंधन में शामिल दूसरी पार्टी जनता दल यूनाटेड के पास 12 सांसद हैं। वैसे, एनडीए गठबंध को चुनाव नतीजों के हिसाब से पूर्ण बहुत मिल चुका है। गठबंधन के पास 292 सांसद हैं लेकिन तोलमोल करने में टीडीपी और जदयू ही सक्षम हैं और जिनकी शर्तों को उपेक्षा बीजेपी नहीं कर सकती है।
टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने एनडीए में ही बने रहने की बात कही है लेकिन यह भी खबर है कि उनकी कुछ मांगें हैं जो वह बीजेपी के सामने रख सकती है। यह खबर मिल रही है कि चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र में बीजेपी को समर्थन देने के लिए हर तीसरे सांसद को मंत्री पद देने की मांग करेगी। इसका मतलब यह है कि बीजेपी को टीडीपी का समर्थन हासिल करने के लिए कम से कम पांच केंद्रीय मंत्री का पद देना पड़ सकता है। यह बात भी सामने आ रही है कि चंद्रबाबू नायडू लोकसभा अध्यक्ष पद की भी मांग सकते हैं। आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की भी मांग कर सकते हैं। चंद्रबाबू नायडू की तर्ज पर नीतीश कुमार भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने की मांग करते रहे हैं। हालांकि अभी तक ना ही चंद्रबाबू नायडू ने और ना ही नीतीश कुमार ने अभी तक अपने कोई भी पत्ते नहीं खोले हैं। टीडीपी और जदयू का कोई बयान इस बारे में नहीं आया है और ना ही बीजेपी ने भी इस बारे में कुछ भी कहा है।
इस बीच यह दिलचस्प तस्वीर सामने आई कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद नेता तेजस्वी एक ही हवाई जहाज में दिल्ली पहुंचे। इस तस्वीर का भी मतलब निकाला जा रहा है और यह कयास लगाया जा रहा है कि कहीं नीतीश कुमार इंडिया गठबंध की बैठक में तो शामिल होने तो नहीं जा रहे हैं। दरअसल, नीतीश कुमार का गठबंधन बदलने का इतिहास भी कुछ ऐसा रहा है कि प्लेन वाली तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया से लेकर मीडिया की सुर्खियों में पाला बदलने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार की लगातार प्रधानमंत्री बनने की इच्छाओं से जुड़ी खबरें आती रही हैं। हालांकि उनको मिली 12 सीटों के आधार पर तो प्रधानमंत्री पद की मांग करने की वह सपने में नहीं सोच सकते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने 12 सांसदों के लिए और खुद के लिए बीजेपी से क्या और कितना स्मार्टली मांग सकते हैं?