
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से नीतीश कुमार को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को सोनिया गांधी के किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। नीतीश कुमार ने अपने काम के दम पर 20 साल तक बिहार की जनता की सेवा की और राज्य की तस्वीर बदलने का काम किया। ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार की चर्चा आज केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी होती है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने काम के जरिए अपनी पहचान बनाई है और उनके योगदान का आकलन किसी के प्रमाणपत्र से नहीं किया जा सकता।
ललन सिंह ने जातीय जनगणना के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से देश में जातीय जनगणना कराने की मांग करते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जातीय जनगणना कराने की घोषणा की और इसकी प्रक्रिया शुरू भी की। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार कुछ समय के लिए विपक्षी गठबंधन का हिस्सा थे, तब उन्होंने गठबंधन में जातीय जनगणना के पक्ष में प्रस्ताव पारित करने की मांग की थी।
ललन सिंह ने आरोप लगाया कि उस समय ममता बनर्जी के आग्रह पर सोनिया गांधी ने जातीय जनगणना की जरूरत नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की मांग उस समय भी स्पष्ट थी और अब केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना कराने का निर्णय लिया है। ललन सिंह ने सोनिया गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि नीतीश कुमार को किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार का समर्थन किया और उनके बारे में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। गिरिराज सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी के पास नीतीश कुमार की आलोचना करने या उन्हें 'गद्दार' कहने का कोई 'नैतिक अधिकार' नहीं है क्योंकि जदयू के मुखिया ने अपने राजनीतिक करियर में कभी किसी के साथ धोखा नहीं किया।