Iran-US Israel War: ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट पैदा हो गया है। भारत में भी एलपीजी संकट गहरा रहा है। इस संकट का असर सबसे ज़्यादा किन 5 सेक्टर्स पर पड़ेगा? आइए जानते हैं।
अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) का ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहा युद्ध गंभीर होता जा रहा है। आज इस युद्ध का 12वां दिन है और अभी भी हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस युद्ध की वजह से न सिर्फ मिडिल ईस्ट पर असर पड़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया पर असर पड़ रहा है। भारत भी इस युद्ध के असर से अछूता नहीं है। देश में फिलहाल पेट्रोल-डीज़ल की कमी नहीं हुई है, लेकिन एलपीजी संकट गहराता जा रहा है। 7 मार्च से सरकार ने देश में 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी की कीमत 115 रूपए और 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रूपए बढ़ाने का फैसला लिया है।
◙ हॉस्पिटैलिटी (होटल और रेस्टोरेंट)
देश में एलपीजी संकट का सबसे ज़्यादा असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ा है, क्योंकि इस वजह से कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे कई लोगों की नौकरी पर भी खतरे की तलवार लटक रही है।
◙ स्ट्रीट फ़ूड वेंडर
देश में एलपीजी संकट की वजह से स्ट्रीट फ़ूड वेंडर जैसे सड़क किनारे खाने की दुकानें, छोटे रेस्टोरेंट-कैफे, ठेले पर खाने का सामान बेचने वाले लोग भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
◙ केटरिंग और इवेंट सर्विस
केटरिंग और इवेंट सर्विस जो बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए लगातार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर निर्भर हैं, उन्हें भी देश में एलपीजी संकट की वजह से गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है।
◙ पीजी हॉस्टल
पीजी हॉस्टल भी बड़ी संख्या में रहने वाले छात्रों को खाना खिलाने के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं। उन्हें भी देश में एलपीजी संकट की वजह से गंभीर संकट से गुज़रना पड़ रहा है।
◙ अन्य उद्योग
देश में एलपीजी संकट की वजह से पेट्रोकेमिकल उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग उद्योग और इस तरह के कई ऐसे उद्योग जो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के भरोसे हैं, भी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।