राष्ट्रीय

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: एक्शन में योगी सरकार, 15 मौतों के बाद 6 पीसीएस अफसरों और 19 इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

अलीगंज की तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। LDA ने 19 इंजीनियरों और 6 PCS अधिकारियों समेत 25 अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
2 min read
• •
Updated: 24 Jun 2026, 10:05 PM IST
Lucknow Fire Incident
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड (फोटो - आईएएनएस)

Lucknow Fire Incident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान जाने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 19 इंजीनियरों और 6 प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारियों सहित कुल 25 अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई मौत की असली वजह

अलीगंज के इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, हादसे का शिकार हुए सभी लोगों की मौत फेफड़ों में अत्यधिक धुआं जाने और दम घुटने के कारण हुई है।

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की टीम को किसी भी शव पर सीधे तौर पर जलने या गहरे घाव के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं। शवों पर ऐसी कोई गंभीर बाहरी चोट भी नहीं पाई गई है जिसे मृत्यु का सीधा कारण माना जा सके। हालांकि, कई मृतकों के चेहरे और आंखों के आसपास सूजन देखी गई है।

बंद इमारत में जहरीले धुएं से बेहोश हुए थे लोग

पोस्टमार्टम करने वाले विशेषज्ञों ने मृतकों की नाक के अंदर कालिख और धुएं के कण पाए हैं जिससे साफ है कि मरने से पहले उनके शरीर में काफी मात्रा में धुआं प्रवेश कर गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, आग से प्रभावित बंद जगहों पर ऑक्सीजन का स्तर बहुत तेजी से गिरता है और जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं।

इमारत के भीतर मौजूद प्लास्टिक, फोम और अन्य सिंथेटिक सामग्रियों के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें निकलीं, जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचने का रास्ता रोक देती हैं। इसके चलते अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे पहले बेहोश हुए और फिर उनकी मौत हो गई। जान गंवाने वालों में ज्यादातर युवा शामिल थे।

एसआईटी गठित, पूरे उत्तर प्रदेश में जांच अभियान शुरू

इस भयावह घटना के बाद सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एक विशेष अन्वेषण दल (SIT) का गठन किया है जो एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

दूसरी तरफ, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी इस बहुमंजिला इमारत से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के संबंध में नोटिस जारी किए हैं। सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

इस घटना के बाद अब पूरे प्रदेश में आग से सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण का एक व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है।

Updated on:
24 Jun 2026, 10:05 PM IST
Published on:
Also Read
View All