
RSS Tamil Nadu: मद्रास हाईकोर्ट ने आरएसएस रूट मार्च में कटौती करने पर तमिलनाडु पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन ने कहा है कि नागरिकों को दुश्मन की तरह न देखें।
कोर्ट ने आगे कहा- मस्जिद या ईदगाह रास्ते पर होने से आरएसएस के रूट मार्च की अनुमति नहीं रोकी जा सकती। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस से यह भी पूछा कि क्या पुलिस मुस्लिम समुदाय को बदनाम करना चाहती है?
जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन ने आरएसएस के उत्तर तमिलनाडु सचिव वीजी जगदीसन की याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस की दलीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
बता दें कि पुलिस ने कई जगहों पर मस्जिद और ईदगाह का हवाला देकर आरएसएस रूट मार्च की अनुमति नहीं दी थी। इस पर जज ने कहा- ईदगाह रमजान और बकरीद के लिए होती है। क्या आप कह रहे हैं कि अक्टूबर में मुसलमान रमजान मनाएंगे? आप उन्हें बदनाम कर रहे हो।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस को फटकार लगाते हुए यह भी याद दिलाया कि पहले के फैसलों में भी ऐसे आधारों को कमजोर बताया जा चुका है। फिर भी पुलिस हर साल वही बात दोहरा रही है।
आरएसएस ने राज्य भर में 128 जगहों पर विजयादशमी के मौके पर रूट मार्च और सभा करने की अनुमति मांगी थी। पुलिस सिर्फ 58 जगहों पर राजी थी। अब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 25 अक्टूबर को उत्तर तमिलनाडु में और 1 नवंबर को दक्षिण जिलों में मार्च हो सकेंगे।
अदालत के फैसले के बाद एडवोकेट जनरल ने बताया कि पुलिस सोमवार तक अनुमति जारी कर देगी। आरएसएस को हलफनामा देना होगा कि वे अदालत की शर्तों का पूरा पालन करेंगे। रास्ते, प्रतिभागियों की संख्या और जिम्मेदार लोगों की जानकारी भी देनी होगी।
अदालत ने दोनों पक्षों से सख्त निर्देश दिया। जस्टिस लक्ष्मीनारायणन ने कहा- आरएसएस को अनुशासन बनाए रखना होगा और पुलिस को सुरक्षा का इंतजाम करना होगा।