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दिल्ली में 47 लाख से ज्यादा हटाए गए वोटरों का फिर से होगा वेरिफिकेशन, 30 अक्टूबर तक करा सकते हैं सुधार

Delhi News: दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए 47 लाख से अधिक मतदाताओं का फिर से वेरिफिकेशन शुरू हो गया है।
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voters list

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Delhi Voter List: दिल्ली में चुनाव आयोग मतदाता सूची को पूरी तरह जांच-परख कर अपडेट कर रहा है। ऐसे में इस मामले में नया अपडेट सामने आया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जिन 47 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाए गए थे, उनका फिर से वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में किसी भी योग्य मतदाता का नाम न छूटे, इसके लिए चुनाव आयोग ने यह बड़ा कदम उठाया है।

क्यों हो रहा है फिर से वेरिफिकेशन?

इससे पहले 31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी। उसको लेकर कई शिकायतें आई थीं कि कई जीवित लोगों और अपने रजिस्टर्ड पते पर ही रह रहे लोगों के नाम भी लिस्ट से हट गए हैं। इन शिकायतों को देखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि इनकी दोबारा जांच की जाएगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में दिल्ली के करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.5 लाख नाम हटा दिए गए थे।

गड़बड़ियों को सुधारने का काम जारी

अशोक कुमार ने बताया कि दिल्ली में 16 जून के आंकड़ों के हिसाब से करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से 97 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म मिले थे। इसके आधार पर ड्राफ्ट रोल तैयार हुआ था। इस दौरान लगभग 33.12 लाख मामलों में गड़बड़ी या नॉन-मैपिंग पाई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें से लगभग 24 से 25 लाख मामलों को निपटा दिया गया है और बाकी बचे मामलों को अगले 10 दिनों में निपटा दिया जाएगा।

30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां

जानकारी देते हुए अशोक कुमार ने बताया कि अगर किसी नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या कोई सुधार कराना है, तो उसके पास 30 अक्टूबर तक का समय है। उन्होंने बताया कि फॉर्म 6 नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए है। वहीं, फॉर्म 7 किसी नाम पर आपत्ति जताने के लिए और फॉर्म 8 नाम या पते में सुधार और संशोधन के लिए है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (BLA-2) की मदद लें। इसके अलावा, किसी भी समस्या के समाधान के लिए ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम भी मौजूद है।