जयपुर के कनोडिया कॉलेज में आयोजित व्याख्यान में मणिशंकर अय्यर ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने धर्म को राष्ट्रवाद से जोड़ने का विरोध किया, पाकिस्तान से संवाद की वकालत की और राम मंदिर उद्घाटन पर सवाल उठाते हुए भारत की धर्मनिरपेक्षता को लोकतंत्र की असली ताकत बताया।
Mani Shankar Aiyar: पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे राजनीतिक तंज कसे। उन्होंने कहा कि धर्म को राष्ट्रवाद से जोड़ना गलत है और भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में धर्मनिरपेक्षता ही लोकतंत्र की असली ताकत है। वे जयपुर के कनोडिया कॉलेज में शनिवार को ‘भारत का भविष्य: छद्म हिंदुत्व या धर्मनिरपेक्ष भारत?’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। अय्यर ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए पाकिस्तान से बात करने की वकालत कर डाली।
अय्यर ने कहा वे (पीएम मोदी) कहते हैं पाकिस्तान दुश्मन देश है, जबकि ट्रंप से गले मिलते हैं। पाकिस्तान से रू-ब-रू बात क्यों नहीं करते? शुरू में हम और वे आपस में शिकायतें बताएंगे, हमें निरंतर उनसे बात करनी चाहिए।
राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर भी अय्यर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का कोई मजहब नहीं होना चाहिए और प्रधानमंत्री द्वारा राम मंदिर का उद्घाटन करना इस सिद्धांत के खिलाफ है। अय्यर ने कहा कि देश में मुसलमानों की आबादी करीब 14 प्रतिशत है और उनके प्रति सहानुभूति दिखाने को तुष्टीकरण कहा जाता है, जो गलत है। उन्होंने हिंदुत्व की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में दक्षिण भारत का योगदान बड़ा है, जबकि उत्तर भारत में बढ़ते मतभेद देश के लिए बड़ी चुनौती हैं।